
Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र इस बार हंगामे और राजनीतिक टकराव के बीच समाप्त हो गया। गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके साथ ही संसद के इस सत्र का औपचारिक समापन हो गया।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता सदन में मौजूद रहे। राष्ट्रगीत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
हंगामे के बीच सरकार ने पास कराए 12 बिल
विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के बावजूद सरकार इस सत्र में कुल 12 विधेयक पारित कराने में सफल रही। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, इनमें से लोकसभा में 11 विधेयक ऐसे रहे, जिन पर विपक्ष की ओर से प्रभावी चर्चा नहीं हो सकी और उन्हें बिना पर्याप्त बहस के पारित किया गया।
लोकसभा से पारित प्रमुख विधेयकों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक और कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक शामिल रहे।
इसके अलावा विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA, 2026 को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC को भेजने का प्रस्ताव भी लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ।
राज्यसभा में भी हंगामे के बीच बिल पास
राज्यसभा में भी अंतिम दिन विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी देखने को मिली। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 सदन में पेश किया।
विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक पारित हो गया और इसके बाद प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया गया। इस तरह उच्च सदन में भी सत्र का अंतिम दिन राजनीतिक टकराव के बीच समाप्त हुआ।
लोकसभा में सिर्फ 19% कामकाज
सत्र खत्म होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सदन के कामकाज का आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि लोकसभा में आवंटित समय का केवल 19 प्रतिशत ही प्रभावी रूप से इस्तेमाल हो पाया, जबकि राज्यसभा में यह आंकड़ा 39 प्रतिशत रहा।
रिजिजू ने कहा कि कामकाज की दृष्टि से सरकार के लिए सत्र अच्छा रहा क्योंकि 12 विधेयक पारित हुए, लेकिन चर्चा के लिहाज से स्थिति संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने बताया कि लोकसभा में केवल एक विधेयक पर ही चर्चा हो पाई, जबकि 11 विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए।
NEET और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर हंगामा
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। NEET पेपर लीक मामले और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन जैसे मुद्दों पर सदन में लगातार हंगामा हुआ।
विपक्ष ने NEET मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया। इसके अलावा विपक्षी सांसदों ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा और केंद्रीय गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए।
इस पूरे सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अब संसद की अगली बैठक में यह देखना अहम होगा कि जिन मुद्दों पर इस बार चर्चा नहीं हो सकी, उन्हें विपक्ष किस तरह आगे उठाता है।



