
UP Panchayati Raj: उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ग्राम पंचायतों में बढ़ेंगी डिजिटल लाइब्रेरी
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरी (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) परियोजना की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बच्चों और युवाओं को आधुनिक शिक्षा संसाधनों से जोड़ना समय की मांग है। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है, वहां जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर कार्य शुरू किया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रही योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
गंगा किनारे के गांवों में स्वच्छता को प्राथमिकता
ओम प्रकाश राजभर ने गंगा एक्शन प्लान से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका है।
28.60 लाख हैंडपंपों की होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
बैठक का प्रमुख विषय प्रदेश में स्थापित लगभग 28.60 लाख हैंडपंपों की जियो-टैगिंग और मानकीकरण व्यवस्था भी रहा। मंत्री ने कहा कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी हैंडपंपों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए, जिससे उनकी स्थिति, संचालन क्षमता और जल गुणवत्ता की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। साथ ही जल गुणवत्ता परीक्षण, रंग-कोडिंग व्यवस्था और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर भी बल दिया गया।
राजभर ने कहा कि जियो-टैगिंग के जरिए खराब और निष्क्रिय हैंडपंपों की पहचान आसानी से की जा सकेगी, जिससे मरम्मत और रखरखाव की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
तकनीक आधारित मॉनिटरिंग पर जोर
पंचायतीराज मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा जिला और विकासखंड स्तर पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर ही आत्मनिर्भर एवं विकसित गांवों का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
बैठक में प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार, निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह, स्वच्छ भारत मिशन की निदेशक गुंजन द्विवेदी समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



