
Niti Aayog Meeting : वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत साझेदारी पर जोर दिया है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में अनिश्चितता और अस्थिरता के बावजूद भारत आत्मविश्वास के साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब केंद्र और राज्य सरकारें साझा जिम्मेदारी और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि वर्तमान समय भारत के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश का ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और तेजी से उभर सकता है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने रोजगार सृजन और उद्यमिता को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए राज्यों से स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिनका लाभ देश के उद्योगों और युवाओं तक पहुंचना चाहिए।
एमएसएमई क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए प्रधानमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों से अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में गुणवत्ता, नवाचार और तकनीक आधारित उत्पादन ही सफलता की कुंजी होंगे।
बैठक में ‘महिला नेतृत्व आधारित विकास’ विशेष चर्चा का केंद्र रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि, विज्ञान, नवाचार, स्टार्टअप और उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने राज्यों से महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उनका कहना था कि नारी शक्ति की पूर्ण भागीदारी के बिना विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
इस वर्ष नीति आयोग बैठक की थीम ‘विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रही। बैठक में मानव पूंजी और कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता, स्वास्थ्य एवं पोषण तथा समानता एवं सम्मान जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। इसके अलावा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, डेटा आधारित शासन व्यवस्था और जवाबदेही तंत्र को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
विकसित भारत-2047 के लिए केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
नीति आयोग की बैठक का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं रहा। विभिन्न दलों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी के बीच सहकारी संघवाद और केंद्र-राज्य समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भागीदारी भी चर्चा में रही, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ओर से नीति आयोग बैठकों को लेकर अलग रुख देखने को मिला था।
राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल विकास योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि विकसित भारत-2047 के व्यापक रोडमैप को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। रोजगार, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और सहकारी संघवाद को केंद्र में रखकर सरकार ने आने वाले वर्षों की विकास रणनीति का स्पष्ट संकेत दिया है।



