
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित किए गए चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने बुधवार को सभी आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। बताया जा रहा है कि चार्जशीट सात हजार से अधिक पन्नों की है। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच अब अगले कानूनी चरण में पहुंच गई है।
यह मामला राम मंदिर में रखे दानपात्रों और कैश काउंटिंग से जुड़ी कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद चर्चा में आया था। जांच के दौरान पुलिस और SIT ने सीसीटीवी फुटेज समेत कई अहम साक्ष्यों को खंगाला। जांच में कथित तौर पर चोरी की कई घटनाओं का पता चला, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कैसे सामने आया चढ़ावा चोरी का मामला?
राम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के साथ दान भी करते हैं। मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती और उसके बैंक तक पहुंचने की प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी इस मामले की जांच के दायरे में आई। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की गई और कुछ रकम कथित तौर पर निकाल ली गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए SIT का गठन किया गया। जांच एजेंसी ने मंदिर परिसर और कैश काउंटिंग से जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। इसके अलावा आरोपियों से पूछताछ और तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।
CCTV फुटेज में 105 घटनाओं का दावा
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज को इस मामले का अहम सबूत माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती तौर पर करीब 70 घटनाओं का संदेह था, लेकिन फुटेज की विस्तृत जांच के बाद कथित चोरी की 105 घटनाओं का पता चला।
जांच एजेंसी के मुताबिक, फुटेज में कैश काउंटिंग से जुड़े स्थानों पर नोटों की गड्डियों को निर्धारित प्रक्रिया से अलग तरीके से हटाने के दृश्य मिले। इन फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच की गई।
हालांकि, मामले में आरोप साबित होना अभी बाकी है। अदालत में दाखिल चार्जशीट के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी और अंतिम फैसला अदालत के साक्ष्यों तथा सुनवाई के बाद ही होगा।
तलाशी में करीब 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद
SIT की जांच में आरोपियों से जुड़ी अलग-अलग जगहों पर तलाशी भी ली गई। जांच एजेंसी के अनुसार, इस दौरान करीब 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। बताया गया है कि कथित तौर पर चोरी की रकम को घरों के अलावा शौचालय और भूसे के ढेर जैसी जगहों पर छिपाकर रखा गया था।
पुलिस ने बरामद रकम और अन्य साक्ष्यों को केस की जांच में शामिल किया है। चार्जशीट में इन बरामदगियों और कथित घटनाओं से जुड़े साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है।
आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
इस मामले में कुल आठ आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें मंदिर में कैश गिनने की प्रक्रिया से जुड़े बैंक कर्मचारी, सुपरवाइजर और ट्रस्ट से जुड़े एक पूर्व चालक का नाम भी सामने आया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और उनके बीच कथित संबंधों की भी पड़ताल की।
मामले में अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अदालत में दाखिल चार्जशीट के बाद अब मामले में आरोप तय होने और आगे की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
कोर्ट में आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत साक्ष्यों और आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी। इससे पहले मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई हो चुकी है और कुछ प्रमुख आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं।
राम मंदिर से जुड़ा होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। हालांकि, कानूनी तौर पर आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही होगी। फिलहाल SIT ने जांच पूरी करते हुए आठों आरोपियों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है।



