
New Delhi News:खाड़ी देशों में काम कर रहीं भारतीय महिला कामगारों को संकट की स्थिति में त्वरित और एकीकृत सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार ने सात प्रमुख शहरों में ‘वन स्टॉप सेंटर’ स्थापित किए हैं। इन केंद्रों के जरिए महिलाओं को कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस मदद और काउंसलिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र के छह देशों में करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात में लगभग 45 लाख, सऊदी अरब में 27 लाख, कुवैत में 10 लाख, कतर में 8.2 लाख, ओमान में 6.7 लाख और बहरीन में करीब 3.1 लाख भारतीय शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2014 से जून 2026 तक ईसीआर श्रेणी के पासपोर्ट वाले 50,25,506 भारतीय कामगारों को इन छह खाड़ी देशों में रोजगार के लिए प्रवासन मंजूरी दी गई।
महिला कामगारों की भर्ती के लिए नियम
भारतीय महिला कामगारों की भर्ती अधिकृत भर्ती एजेंसी के माध्यम से या संबंधित भारतीय मिशन में पंजीकृत विदेशी नियोक्ता द्वारा की जा सकती है। महिला कामगारों को नियुक्त करने वाले विदेशी नियोक्ता के लिए वित्तीय गारंटी और रोजगार अनुबंध से जुड़े नियम भी निर्धारित किए गए हैं।
सात शहरों में मिलेगी एकीकृत मदद
महिला कामगारों के लिए मनामा, मस्कट, दोहा, रियाद, दुबई, जेद्दा और कुवैत में वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। यहां संकट में फंसी महिलाओं को एक ही स्थान पर कई तरह की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इन केंद्रों में हेल्पलाइन के साथ-साथ चिकित्सा और पुलिस सहायता तक पहुंच, कानूनी सलाह, काउंसलिंग तथा मनोवैज्ञानिक-सामाजिक सहयोग की सुविधा दी जाती है।
शिकायत दर्ज कराने के कई माध्यम
भारतीय कामगार अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए वॉक-इन सेवा, ईमेल, 24 घंटे उपलब्ध बहुभाषी आपातकालीन नंबर, व्हाट्सऐप और मदद/ई-माइग्रेट जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके अलावा दुबई, जेद्दा और रियाद में प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां विदेश में काम कर रहे भारतीय नागरिकों को मार्गदर्शन और परामर्श दिया जाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि भारतीय मिशनों को मिलने वाली शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाती है। विदेश जाने वाले भारतीय कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए ‘प्रवासी भारतीय बीमा योजना’ भी लागू है।
इस पहल का उद्देश्य खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों, विशेषकर महिला कामगारों को मुश्किल परिस्थितियों में तेज, सुरक्षित और समन्वित सहायता उपलब्ध कराना है।
Read Also-Bollywood News-हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के परिवार में मनमुटाव की अफवाहों को किया खारिज



