
Uploaded By: Akash Tripathi
करेली थाने में दर्ज मुकदमें में मो. इमरान को बताया गया है गैंग का लीडर
मां समेत परिवार के अन्य सदस्यों को गैंग का मेंबर करार दी है करेली पुलिस
माफिया रहे मरहूम अतीक अहमद के रिश्तेदारों पर एक बार फिर तगड़ा शिकंजा कसा है। साढू मो. इमरान समेत उसके पूरे परिवार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। करेली थाने में मो. इमरान उसके परिसर के लोगों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने से अतीक के रिश्तेदारों व उसके गैंग से जुड़े लोगों में खलबली मच गई है। दर्ज किए गए केस में इमरान को गैंग का लीडर बताया गया। उसके भाई जीशान उर्फ जानू, मोहम्मद कामरान और मां जाहिदा बेगम को गैंग का मेंबर करार दिया गया है। यह केस करेली थाने के प्रभारी सच्चिदानन्द सिंह की तहरीर पर लिखा गया है। अब इस प्रकरण की विवेचना अतरसुइया के सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है।
करेली थाने में दर्ज किए गए केस पर गौर करें तो आरोपितों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गैंग के लीडर व गुर्गों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करके सरकारी जमीन की सीलिंग और कब्जे से जुड़ी जमीन को अनाधिकृत रूप से बेचने और प्लाटिंग करने के आरोप है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ करेली थाने में पहले दर्ज सात मुकदमों का भी जिक्र किया है। इसमें फ्राड यानी धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचिव दस्तावेज तैयार करने और सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने से सम्बंधित धाराओं में मामले दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस सूत्रों की मानें यह मुकदमें 2025 से 2026 में दर्ज किए गए हैं। जिले के कसारी मसारी का निवासी मो. इमरान बिल्डर बताया गया है। उसका परिवार माफिया अतीक अहमद का सगा रिश्तेदार है। हालांकि अतीक व अशरफ हत्याकांड से पहले ही इमरान के भाई जीशान उर्फ जानू और अतीक परिवार के बीच विवाद गहरा गया था। जानू की ओर से अतीक फेमिली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इन मामलों में निचली अदालत में गवाही की प्रक्रिया चल रही है। उस वक्त जब जानू द्वारा अतीक अहमद फेमिली के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था तो मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि जानू यह कदम उस दौर में उठाया जब अतीक अहमत व उसकी फेमिली के सितारे गर्दिश में आ चुके थे।
पुराने केस को पुलिस ने बनाया आधार
गैंगस्टर के तहत दर्ज की गई एफआईआर में करेली थाने में दर्ज सात पुराने मामलों को आधार बनाया गया है। बताया गया कि पुलिस ने आरोपितों की कथित आपराधिक गतिविधियों और जमीन से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। मुकदमें में इमरान को गैंग लीडर और उसके भाई जीशान उर्फ जानू, मो. कामरान तथा मां जाहिदा बेगम को गैंग का सदस्य बताया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना अतरसुइया के सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है। पुलिस की मानें तो मुकदमें में लगाए गए आरोप पुराने मुकदामें और जमीन से जुड़े दस्तावेज की जांच की जाएगी।
दूसरों के नाम काम कर रहे हिडेन गुर्गे
इतना ही नहीं, पुलिस इस कार्रवाई के बाद अतीक ब्रदर्स गैंग से जुड़े गुर्गों की भी कुंडली तैयार करने में जुट गई है। क्योंकि जिस वक्त अतीक अहमद की हत्या हुई थी उस समय कुछ पर ही पुलिस कार्रवाई कर सकी थी। अब पुलिस को इस बात का पता चला कि कुछ गुर्गे हिडेड रहकर दूसरों के नाम पर से जिले में अवैध तरीके से जमीन के खेरीब फरोख्त का काम कर रहे हैं। चूंकि काम दूसरों के नाम से कर रहे हैं इस लिए उनके बारे में पता लगाने में जुटी पुलिस को थोड़ी परेशानी हो रही है। सूत्र कहते हैं कि काफी मशक्कत व मेहनत के बाद कुछ ऐसे नामों की लिस्ट पुलिस ने तैयार कर की है, जो अतीक गैंग में कभी एक्टिव थे। अब जब अतीक नहीं रहा तो वह दूसरों के नाम पर जिले में अपना जाल फैला रखे हैं। लिस्ट तैयार होने के बाद इन सब पर भी पुलिस तगड़ी कार्रवाई के प्लान में है।
रिपोर्ट: मुकेश चतुर्वेदी



