
Gold-Silver Price Update: सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए आने वाले दिनों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 7 अक्टूबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कीमती धातुओं के आयात से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव चर्चा के लिए आ सकता है। इस प्रस्ताव के तहत बैंकों और सरकार द्वारा नामित एजेंसियों को मिलने वाली IGST छूट समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।
फिलहाल सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर 3 प्रतिशत IGST लागू है, लेकिन कुछ अधिकृत बैंक और नामित एजेंसियां इस टैक्स छूट का लाभ उठाती हैं। यदि यह छूट वापस ले ली जाती है तो इन संस्थाओं को भी आयात के समय टैक्स का भुगतान करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य अलग-अलग आयात माध्यमों के बीच टैक्स व्यवस्था को समान बनाना है। सरकार लंबे समय से कीमती धातुओं के आयात पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भी असर पड़ता है।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत का सोना आयात बढ़ा है, जबकि चांदी के आयात में कुछ कमी दर्ज की गई। ऐसे में सरकार आयात व्यवस्था को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है।
हालांकि, यदि IGST छूट समाप्त होती है तो इसका यह मतलब नहीं होगा कि सोने और चांदी की कीमतें तुरंत 3 प्रतिशत बढ़ जाएंगी। बाजार में सोने का भाव कई कारकों से तय होता है। अंतरराष्ट्रीय कीमतें, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, घरेलू मांग और निवेशकों की गतिविधियां भी कीमतों को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आयात लागत बढ़ने से सप्लाई चेन पर कुछ दबाव आ सकता है, जिसका सीमित असर कीमतों में दिखाई दे सकता है। हालांकि अंतिम प्रभाव बाजार की परिस्थितियों और मांग पर निर्भर करेगा।
गौरतलब है कि सरकार इससे पहले भी कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के लिए शुल्क बढ़ा चुकी है। ऐसे में अब GST से जुड़ा यह प्रस्ताव भी बाजार और निवेशकों की नजर में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 7 अक्टूबर की बैठक के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी कि सोना और चांदी खरीदना भविष्य में कितना महंगा पड़ सकता है।
writeen by Siddhi Srivastava



