NEET Paper Leak 2026 : NTA का दावा- NEET पेपर सिस्टम से लीक नहीं हुआ, संसदीय समिति में घिरे अधिकारी; CBI जांच में नए खुलासे

NEET Paper Leak 2026 : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर संसद की स्थायी समिति में NTA अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए। NTA ने कहा कि पेपर उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ, जबकि CBI जांच में महाराष्ट्र और राजस्थान से कई गिरफ्तारियां हुई हैं।

NEET Paper Leak 2026 : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए। बैठक में मौजूद सांसदों ने NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह से पूछा कि यदि पेपर एजेंसी के सिस्टम से लीक नहीं हुआ, तो आखिर परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की नौबत क्यों आई। सूत्रों के मुताबिक, इस सवाल पर NTA अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

सूत्रों के अनुसार, NTA ने समिति के सामने कहा कि NEET का प्रश्नपत्र उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ था और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। हालांकि विपक्षी और कई अन्य सांसदों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की।

12 मई को परीक्षा रद्द, 21 जून को होगा री-एग्जाम

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। NTA के मुताबिक, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।

पेपर लीक मामले में डॉक्टर गिरफ्तार

CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से डॉक्टर मनोज शिरुरे को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, डॉक्टर ने अपने बेटे के लिए कथित तौर पर RCC कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ से गेस पेपर खरीदे थे। पूछताछ के बाद पुणे से उनकी गिरफ्तारी की गई। इस मामले में किसी अभिभावक की यह पहली गिरफ्तारी मानी जा रही है।

अब तक इस केस में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र से 7, राजस्थान से 3 और हरियाणा से एक आरोपी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं भी हैं।

‘एम सर’ पर शिकंजा, 8 एकड़ जमीन की जांच

CBI जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शिवराज मोटेगांवकर लातूर में 8 एकड़ जमीन पर स्कूल और कॉलेज खोलने की तैयारी कर रहा था। वहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। एजेंसी अब उसकी फंडिंग, जमीन खरीद और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। CBI ने उसकी पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की है।

उधर, पुणे नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी की RCC कोचिंग क्लासेस को सील कर दिया है।

5 से 50 लाख रुपए में बिके ‘गेस पेपर’

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पेपर लीक गिरोह छात्रों के परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर रकम तय करता था। ‘गेस पेपर’ 5 लाख से 50 लाख रुपए तक में बेचे गए। पहले केवल टोकन मनी ली जाती थी और बदले में ब्लैंक चेक व छात्रों के दस्तावेज रखे जाते थे।

डील यह होती थी कि परीक्षा के बाद यदि प्रश्नपत्र असली पेपर से मेल खाता पाया गया, तभी पूरी रकम वसूली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अभिभावकों ने बाद में भुगतान करने से इनकार कर दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि कुछ सवाल मेल नहीं खा रहे थे।

राजस्थान SOG और IB इनपुट से खुला मामला

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से इनपुट मिलने के बाद राजस्थान SOG ने 8 मई की रात कार्रवाई शुरू की थी। जांच के दौरान सीकर में एक छात्र से पूछताछ के दौरान दलालों के फोन आने की जानकारी भी सामने आई। बाद में CBI ने कई राज्यों में छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

कोर्ट ने आरोपियों को भेजा न्यायिक हिरासत में

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं शुभम खैरनार की CBI रिमांड 5 दिन बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने मनीषा मांढरे और शिवराज मोटेगांवकर के हस्ताक्षर के नमूने लेने की अनुमति भी दी है।

शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने NEET री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सोशल मीडिया और फर्जी टेलीग्राम चैनलों पर पेपर लीक से जुड़े भ्रामक दावे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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