E10 Protest: E10 लाओ और आरक्षण हटाओ! सोशल मीडिया पर उबल रहे दो आंदोलन, मोदी सरकार की बढ़ी टेंशन

E10 Protest: NEET पेपर लीक विवाद और CJP आंदोलन के बाद अब सोशल मीडिया पर दो नए अभियान तेजी से चर्चा में हैं। पहला “E10 लाओ” और दूसरा “आरक्षण हटाओ”। दोनों मुद्दों ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा है। वहीं, इन अभियानों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

क्या है E10 लाओ अभियान?

सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 को बढ़ावा दिया है। हालांकि, कई वाहन मालिक दावा कर रहे हैं कि इससे पुरानी गाड़ियों के इंजन और माइलेज पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर “E10 लाओ” अभियान शुरू हुआ। इसके तहत लोग पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, सरकार और कई विशेषज्ञ इन दावों से सहमत नहीं हैं। सरकार का कहना है कि E20 सुरक्षित है और इससे बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।

आरक्षण हटाओ आंदोलन क्यों चर्चा में?

दूसरी ओर “आरक्षण हटाओ आंदोलन” सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस अभियान के समर्थक शिक्षा और नौकरियों में मेरिट आधारित व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए।

वहीं, आंदोलन से जुड़े सोशल मीडिया पेजों ने कम समय में लाखों फॉलोअर्स जुटाने का दावा किया है। नागपुर समेत कुछ शहरों में इसके समर्थन में कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

सरकार के सामने क्यों बढ़ी मुश्किल?

इन दोनों अभियानों का असर बड़े वोटर वर्ग पर पड़ सकता है। E10 मुद्दा वाहन मालिकों और मध्यम वर्ग से जुड़ा है। दूसरी तरफ आरक्षण का विषय सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

यही कारण है कि सरकार को दोनों मुद्दों पर संतुलित रुख अपनाना पड़ रहा है। E20 पर सरकार सफाई दे रही है। वहीं, आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक दल बेहद सावधानी बरत रहे हैं।

चुनावी राजनीति पर क्या असर होगा?

आने वाले चुनावों से पहले इन अभियानों की चर्चा बढ़ना राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर शुरू हुए कई अभियान पहले भी बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुके हैं। ऐसे में E10 और आरक्षण से जुड़े अभियान आगे कितना प्रभाव डालते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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