
उत्तर प्रदेश में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने 11 जून से 12 जून के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि तथा वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, गोरखपुर, बहराइच, सहारनपुर, मेरठ, आगरा, झांसी सहित 70 से अधिक जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी और अयोध्या समेत कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झंझावाती हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

भारी बारिश संग ओलावृष्टि का हाई एलर्ट
प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली भी भारी वर्षा की चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की है। बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अनेक इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को खेतों में रखी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली, आगरा, मेरठ, झांसी सहित प्रदेश के बड़े हिस्से में मेघगर्जन और वज्रपात का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की अपील की है। वशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जनजीवन और यातायात दोनों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी



