
Hajj Yatra 2026: हज यात्रा के इस साल के चरण की शुरुआत के साथ ही एक खास पहल देखने को मिली, जब 43 मुस्लिम महिलाएं बिना महरम के हज के लिए रवाना हुईं। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट एसवी-5909 के जरिए ये महिलाएं इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से मदीना के लिए रवाना हुईं। यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ महिलाओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक मानी जा रही है।
टर्मिनल-3 पर इस मौके को विशेष बनाने के लिए दिल्ली स्टेट हज कमेटी की चेयरपर्सन कौसर जहां सहित अन्य अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। महिलाओं को फूल भेंट कर सम्मानित किया गया और उनकी सफल व सुरक्षित यात्रा की कामना की गई।
मीडिया से बातचीत में कौसर जहां ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते समाज के विभिन्न वर्गों को नई सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया। इस उड़ान में शामिल 43 महिलाओं में से सबसे अधिक 21 महिलाएं उत्तर प्रदेश से थीं, जबकि अन्य यात्री दिल्ली, बिहार, जम्मू‑कश्मीर, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड से शामिल थीं।
बताया गया कि 18 अप्रैल से शुरू हुई हज उड़ानों की यह सातवीं फ्लाइट थी। अब तक कुल 2700 से अधिक यात्री मदीना के लिए रवाना हो चुके हैं। आगामी 20 मई तक कई उड़ानों के माध्यम से उत्तर भारत के हजारों यात्री मक्का और मदीना पहुंचेंगे।
‘बिना महरम’ यात्रा उन महिलाओं के लिए संभव हुई है, जिन्हें पहले किसी पुरुष रिश्तेदार के साथ यात्रा करना अनिवार्य होता था। सऊदी अरब के नए नियमों के तहत अब महिलाएं सुरक्षित समूह में बिना महरम भी हज या उमराह यात्रा कर सकती हैं। इसे महिलाओं की स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकारों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
Written By: Kalpana Pandey



