
Uttar Pradesh News: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक से पहले संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे पर विचार किया जा सकता है। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ पदाधिकारी बजरंग लाल बागड़ा का नाम नए महासचिव के तौर पर सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर जांच जारी है और ट्रस्ट के कामकाज पर भी लगातार नजर बनी हुई है।
महासचिव पद के लिए तीन नामों की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, महासचिव पद के लिए तीन प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है। इनमें बजरंग लाल बागड़ा, कृष्णमोहन और नीरज दौनेरिया शामिल हैं। इनमें से बजरंग लाल बागड़ा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यदि महासचिव पद पर उनकी नियुक्ति होती है, तो अन्य दो नामों को ट्रस्ट में ट्रस्टी के रूप में जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होगा।
कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा?
बजरंग लाल बागड़ा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं और लंबे समय से संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन का भी अच्छा अनुभव माना जाता है।
वह पहले केंद्र सरकार के खान मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। संगठन और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें ट्रस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
क्यों अहम मानी जा रही है यह बैठक?
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बाद यह ट्रस्ट की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे, भविष्य की कार्ययोजना और संगठनात्मक बदलावों पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि सभी मुद्दों पर निर्णय नहीं हो पाता है, तो जल्द ही एक और बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें बाकी प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल महासचिव पद को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक बयान पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



