
Airline Security: Flydubai विमान से जुड़ी हालिया घटना के बाद एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अलकायदा की यमन शाखा से जुड़ी एक प्रकाशन सामग्री में उस ओमानी सह-पायलट का उल्लेख किया गया है, जिस पर भारतीय पायलट स्मित माछर पर हमला करने और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगठन से जुड़ी एक पत्रिका में प्रकाशित लेख में आरोपी पायलट हमामी अल-हमामी का जिक्र किया गया है। साथ ही भविष्य में भी ऐसे हमलों की आशंका जताने वाली भाषा इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं।
पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हमामी से जुड़े कुछ पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच के दौरान कट्टरपंथी विचारधारा से संबंधित सामग्री सामने आई थी। इनमें चरमपंथी नेताओं की तस्वीरें और विवादित पोस्ट शामिल होने के दावे किए गए हैं।
हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी।
पहले भी नौकरी को लेकर उठे थे सवाल
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमामी को पहले एक एयरलाइन के प्रशिक्षण कार्यक्रम से हटाया गया था। बाद में वह दोबारा विमानन क्षेत्र में सक्रिय हुआ। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए अब उसकी नियुक्ति और बैकग्राउंड जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा फोकस
Flydubai घटना के बाद विमानन सुरक्षा, पायलटों की स्क्रीनिंग और एयरलाइन सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभिन्न एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। वहीं सामने आए दावों ने वैश्विक विमानन सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
written by Siddhi Srivastava



