Politics: ‘प्रधानमंत्री बनना है तो मॉक पार्लियामेंट करते रहिए’, राहुल पर शाह का तंज

Politics: चंडीगढ़ में अमित शाह ने INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान रैली पर साधा निशाना, 1984 के सिख दंगों और महिला आरक्षण को लेकर भी कांग्रेस को घेरा।

Politics: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री बनना है तो वे मॉक पार्लियामेंट करते रहें। शाह ने INDIA गठबंधन की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली और मॉक पार्लियामेंट को लेकर यह टिप्पणी की।

रविवार को चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं राहुल गांधी जी से कहना चाहता हूं कि आपको अगर प्रधानमंत्री बनना है तो ऐसे ही मॉक पार्लियामेंट करते रहिए। आपका नंबर नहीं लगने वाला है।”

शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों, महिला आरक्षण और नशामुक्ति के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए आगामी चुनावों में जनता के फैसले की बात कही।

पंजाब में NDA सरकार बनाने का किया दावा

अमित शाह ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए वहां NDA की सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को पंजाब में भी सरकार बनानी है। इस दौरान उन्होंने राज्य और देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को दोहराया।

शाह ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब और देश को ड्रग्स से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।

1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर हमला

अपने भाषण में अमित शाह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 को हुए दंगों में हजारों सिखों की जान गई थी। शाह ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें बड़े पेड़ के गिरने पर धरती हिलने की बात कही गई थी।

गृह मंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने दंगों से जुड़े मामलों को दोबारा खुलवाया और आरोपित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई। उन्होंने 1984 की घटनाओं को राज्य-प्रेरित दंगों के रूप में वर्णित करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।

ये टिप्पणियां अमित शाह के राजनीतिक भाषण का हिस्सा थीं। दंगों से जुड़े मामलों और कानूनी कार्रवाई के तथ्यों को संबंधित अदालती रिकॉर्ड और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

दिल्ली रैली को लेकर भी कांग्रेस पर टिप्पणी

अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए चुनी गई तारीख से 1984 के दंगों के पीड़ितों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने कांग्रेस की ‘मोहब्बत की दुकान’ संबंधी राजनीतिक अभिव्यक्ति पर भी कटाक्ष किया।

शाह ने यह दावा भी किया कि रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों को नुकसान हुआ। हालांकि, व्यापार पर पड़े प्रभाव के संबंध में उन्होंने अपने भाषण में जो आरोप लगाए, उनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

दिल्ली में चुनावी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तंज

अपने संबोधन में शाह ने दिल्ली में पिछले तीन चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का खाता नहीं खुला और आने वाले वर्षों में भी उसका प्रदर्शन इसी तरह रहेगा।

यह टिप्पणी कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर अमित शाह की राजनीतिक प्रतिक्रिया थी। आगामी चुनावों के परिणामों को लेकर उनका बयान एक राजनीतिक दावा है, न कि चुनावी नतीजे का प्रमाणित आकलन।

महिला आरक्षण को लेकर राहुल गांधी पर आरोप

अमित शाह ने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस महिलाओं को आरक्षण दिलाने के पक्ष में नहीं है। शाह ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए उनकी पार्टी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव में जनता राजनीतिक दलों के कामकाज का हिसाब करेगी। शाह के मुताबिक, मतदाता यह देखेंगे कि कौन देश की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए काम कर रहा है।

महिला आरक्षण को लेकर शाह के आरोप कांग्रेस और राहुल गांधी के प्रति उनका राजनीतिक पक्ष दर्शाते हैं। इस विषय पर संबंधित कानून, संसदीय कार्यवाही और विभिन्न दलों के आधिकारिक रुख को अलग-अलग देखना जरूरी है।

2029 के चुनाव का किया जिक्र

अमित शाह ने अपने भाषण के अंत में 2029 के आम चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता राजनीतिक दलों के कामकाज के आधार पर फैसला करेगी। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को अपने संबोधन का हिस्सा बनाया।

राहुल गांधी पर मॉक पार्लियामेंट को लेकर की गई टिप्पणी से लेकर 1984 के दंगों और नशामुक्ति तक, शाह के भाषण में कांग्रेस के खिलाफ कई राजनीतिक आरोप शामिल रहे। इन बयानों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और संबंधित मुद्दों के तथ्यात्मक पहलुओं को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण होगा।

written by Siddhi Srivastava
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