Tech Safety Tips: हर वेबसाइट पर Cookies को ‘Accept All’ कहना पड़ सकता है भारी, ऑनलाइन प्राइवेसी के लिए जानें इसके नुकसान

Tech Safety Tips: इंटरनेट ब्राउज़ करते वक्त बिना सोचे-समझे हर पॉपअप पर क्लिक करने की आदत आपको बना सकती है ट्रैकिंग का शिकार; जानिए कैसे सुरक्षित रखें अपनी डिजिटल प्राइवेसी

Tech Safety Tips: इंटरनेट पर सर्फिंग करते समय किसी भी वेबसाइट को खोलते ही स्क्रीन पर ‘Accept All Cookies’ और ‘Reject All’ का पॉपअप नजर आना आम बात है। ज्यादातर लोग इस पॉपअप से जल्द से जल्द छुटकारा पाने के लिए बिना सोचे-समझे ‘Accept All’ पर क्लिक कर देते हैं। बार-बार आने वाले इन नोटिफिकेशन्स से परेशान होकर सभी कुकीज को मंजूरी देना आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।

कुकीज (Cookies) असल में क्या होती हैं?

जब आप किसी वेबसाइट पर पहली बार विजिट करते हैं, तो वह सर्वर आपके ब्राउज़र में एक छोटी सी टेक्स्ट फाइल सेव कर देता है, जिसे कुकी कहा जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य आपकी लॉगिन स्थिति, भाषा की पसंद और शॉपिंग कार्ट में जोड़े गए सामान को याद रखना होता है, ताकि अगली बार वह वेबसाइट आपके लिए सुविधाजनक हो सके। हालांकि, सभी कुकीज एक जैसी नहीं होतीं; कुछ वेबसाइट चलाने के लिए अनिवार्य होती हैं, तो कुछ आपकी हर ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक करने का काम करती हैं।

हर बार कुकीज को हां कहना क्यों है खतरनाक?

जब आप बिना सोचे सभी कुकीज स्वीकार कर लेते हैं, तो थर्ड-पार्टी और विज्ञापन से जुड़ी ट्रैकिंग कुकीज भी आपके डिवाइस पर एक्टिव हो जाती हैं। इसके जरिए कंपनियां आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, पसंद-नापसंद और सर्च पैटर्न को लगातार ट्रैक करती रहती हैं। इसी डेटा के आधार पर आपको इंटरनेट पर बार-बार टार्गेटेड विज्ञापन (Targeted Ads) दिखाए जाते हैं, जो कई बार आपकी प्राइवेसी में सीधा दखل बन जाते हैं।

कितने प्रकार की होती हैं कुकीज?

  • एसेंशियल कुकीज (Essential Cookies): जो वेबसाइट के बुनियादी और जरूरी संचालन के लिए आवश्यक होती हैं।

  • फंक्शनल कुकीज (Functional Cookies): जो आपकी भाषा और दूसरी सेटिंग्स को याद रखती हैं।

  • एनालिटिक्स कुकीज (Analytics Cookies): जो वेबसाइट पर आपके ट्रैफिक और एक्टिविटी के आंकड़े जुटाती हैं।

  • विज्ञापन कुकीज (Advertising Cookies): जो आपकी हर गतिविधि को ट्रैक करके आपकी पसंद के हिसाब से विज्ञापन दिखाती हैं।

ऑनलाइन ट्रैकिंग से बचने के लिए क्या करें?

कुकीज का पॉपअप दिखने पर जल्दबाजी में ‘Accept All’ न करें, बल्कि ‘Manage Preferences’ या ‘Customize’ के विकल्प पर जाएं। यहाँ से आप गैर-जरूरी विज्ञापन और ट्रैकिंग कुकीज को डिसेबल कर सकते हैं, जबकि सिर्फ जरूरी कुकीज को चालू रख सकते हैं। इसके अलावा अपने ब्राउज़र की सेटिंग्स में जाकर थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

4. Article (सोशल मीडिया / बुलेट Points स्टाइल)

⚠️ सावधान! हर वेबसाइट पर ‘Accept All Cookies’ पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी, ऐसे सुरक्षित रखें अपनी प्राइवेसी

इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करते वक्त हर वेबसाइट पर आने वाले कुकीज के पॉपअप को आप भी बिना पढ़े ‘Accept’ कर देते हैं? अगर हाँ, तो यह आदत आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि कुकीज क्या होती हैं और इन्हें हर जगह स्वीकार करना क्यों नुकसानदायक है:

  • क्या होती हैं Cookies? यह एक छोटी टेक्स्ट फाइल होती है जो वेबसाइट विजिट करने पर आपके ब्राउज़र में सेव हो जाती है, ताकि आपकी पसंद और लॉगिन डिटेल्स याद रखी जा सकें।

  • क्यों है ‘Accept All’ खतरनाक? सभी कुकीज एक जैसी नहीं होतीं। इसे स्वीकार करने से थर्ड-पार्टी और विज्ञापन से जुड़ी ट्रैकिंग कुकीज एक्टिव हो जाती हैं, जो आपकी हर ऑनलाइन गतिविधि पर नजर रखती हैं।

  • चार तरह की होती हैं कुकीज:

    1. एसेंशियल (जरूरी कार्य)

    2. फंक्शनल (सेटिंग्स याद रखना)

    3. एनालिटिक्स (आंकड़े जुटाना)

    4. विज्ञापन कुकीज (गतिविधियों को ट्रैक कर विज्ञापन दिखाना)

  • बचने के लिए क्या करें?

    • पॉपअप आते ही सीधे ‘Accept’ करने के बजाय ‘Manage Preferences’ या ‘Customize’ पर जाएं।

    • केवल जरूरी कुकीज को अनुमति दें और ट्रैकिंग/विज्ञापन कुकीज को बंद कर दें।

    • अपने ब्राउज़र की सेटिंग्स से समय-समय पर पुरानी कुकीज साफ करते रहें और थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करें।

    • written by Siddhi Srivastava
Show More

Related Articles

Back to top button