सांस्कृतिक चेतना संगोष्ठी से होगा जन्म शताब्दी वर्ष का शुभारंभ

The birth centenary year will commence with a seminar on cultural consciousness.

विश्व हिंदू परिषद श्रद्धेय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष को सेवा, सामाजिक समरसता और हिंदू सशक्तीकरण के संकल्प के साथ मनाएगा। संगठन की ओर से वर्षभर विभिन्न विचार गोष्ठियों, सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। काशी प्रांत में शताब्दी वर्ष का शुभारंभ 6 अक्टूबर को मेडिकल एसोसिएशन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सांस्कृतिक चेतना संगोष्ठी से होगा। इसकी जानकारी रविवार को केसर भवन स्थित विश्व हिन्दू परिसर के कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता के द्वारा विश्व हिन्दू परिसर के प्रांत मंत्री डॉ. राजनारायण सिंह के द्वारा दी गई। इसी के साथ उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उपस्थित रहेंगे।इस दौरान उनके साथ महानगर अध्यक्ष अजय गुप्ता, जिलाध्यक्ष केबी सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहें। इस अवसर पर संघ की पाक्षिक पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

काशी-मथुरा मुक्ति के संकल्प को आगे बढ़ाने की बात
संगठन का कहना है कि अयोध्या धाम की मुक्ति के बाद अब अशोक सिंहल  के काशी और मथुरा से जुड़े संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही अवैध धर्मांतरण पर प्रतिबंध, घर वापसी को बढ़ावा, वेदों के ज्ञान का प्रचार-प्रसार और मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने जैसे विषयों पर भी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। काशी प्रांत के 22 संगठनात्मक जिलों में शारदीय नवरात्र के दौरान महिला सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन की ओर से सेवा कार्यों के विस्तार के लिए पूरे प्रांत में सेवा बस्तियों का चिन्हीकरण भी किया गया है। धर्मांतरण से प्रभावित क्षेत्रों में संगठन सत्संग की संख्या बढ़ाएगा। संगठन के अनुसार, सत्संग समाज और संगठन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। इसके अलावा बजरंग दल कार्यकर्ता सम्मेलन और अन्य सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
शताब्दी वर्ष के दौरान स्वदेशी और गोरक्षा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाने की बात कही गई है। संगठन का उद्देश्य अशोक सिंहल जी के जीवन, चिंतन और राष्ट्र-समाज के प्रति योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, ताकि उनका समर्पण और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।

रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी

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