
Smit Machchhar: फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुए कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने उस घटना के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया था।
3 अक्टूबर को हुई बातचीत में माछर ने बताया कि हमले के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ रही थी और विमान भी अचानक नीचे जाने लगा था। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी, ताकि बाहर मौजूद लोग अंदर आकर स्थिति संभाल सकें।
प्रार्थना के बाद अचानक महसूस हुई सिर पर चोट
माछर ने बताया कि उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी। उनके सह-पायलट ने प्रार्थना करने की बात कही। उन्होंने इसे सामान्य मानते हुए अपना ध्यान विमान के आगे की ओर रखा।
कुछ मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार चोट महसूस हुई। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी समस्या या बाहरी टक्कर हुई है। लेकिन जब लगातार वार होते रहे तो उन्हें समझ आया कि हमला विमान की किसी खराबी की वजह से नहीं बल्कि कॉकपिट में मौजूद व्यक्ति की ओर से हो रहा है।
हमले के कारण उनकी नजर धुंधली होने लगी और इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है।
एक बार खुला दरवाजा, फिर बंद कर दिया गया
हमले के बीच माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। हालांकि, हमलावर ने उसे दोबारा बंद कर दिया। इस दौरान माछर घायल होकर कॉकपिट में गिर गए थे।
इसके बावजूद उन्हें पता था कि बाहर मौजूद चालक दल के सदस्य अगर अंदर नहीं पहुंच पाए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने दोबारा खुद को संभाला और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की।
आखिरकार उन्होंने दरवाजा खोल दिया। इसके बाद बाहर मौजूद लोगों को अंदर आने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
17 हजार फीट से ज्यादा की तेज गिरावट
यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। हमले के दौरान विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया था।
रॉयटर्स के मुताबिक, विमान करीब 14,000 फीट तक तेजी से नीचे आया। इसके बाद चालक दल और यात्रियों की मदद से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और विमान को सऊदी अरब के तबूक में आपात स्थिति में उतारा गया।
नेतन्याहू ने की पायलट की तारीफ
बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने माछर की बहादुरी और मुश्किल परिस्थिति में निर्णय लेने की क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में संयम बनाए रखना बेहद कठिन था और माछर के प्रयासों से कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
इजरायली प्रधानमंत्री ने माछर को भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
मोदी और माछर को इजरायल आने का न्योता
नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित माछर को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
उन्होंने दोनों को समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। नेतन्याहू ने कहा कि यह सम्मान आम तौर पर इजरायली नागरिकों से जुड़ा होता है, लेकिन वह माछर को इस समारोह में देखना चाहते हैं।
हालांकि, द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह भी स्पष्ट किया है कि मशाल जलाने वालों का अंतिम चयन एक निर्धारित सार्वजनिक और सरकारी प्रक्रिया के तहत होता है, इसलिए नेतन्याहू का निमंत्रण अपने आप अंतिम चयन नहीं माना जाता।
हमले के बाद जांच जारी
घटना के बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबूक में उतारा गया। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों की ओर से की जा रही है। सह-पायलट की भूमिका और हमले के पीछे के कारणों को लेकर भी जांच जारी है।
कैप्टन माछर को घटना में गंभीर चोटें आई थीं और बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए अबूधाबी ले जाया गया। वह फिलहाल चिकित्सा निगरानी में हैं।
एक पायलट की कोशिश ने टाला बड़ा हादसा
फ्लाईदुबई की इस घटना में कॉकपिट के भीतर अचानक पैदा हुए संकट के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारा गया। माछर द्वारा घायल अवस्था में कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद चालक दल और यात्रियों को हस्तक्षेप करने का अवसर मिला।
नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत में सामने आई उनकी आपबीती ने घटना के उन शुरुआती पलों की तस्वीर साफ की, जब विमान तेजी से नीचे जा रहा था और कॉकपिट के अंदर हालात बेहद गंभीर हो चुके थे।
written by Siddhi Srivastava



