
Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत से वापसी को लेकर फिलहाल कोई तारीख तय नहीं है। भारत ने साफ किया है कि ढाका की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध पर कानूनी प्रक्रिया के तहत विचार चल रहा है। ऐसे में उनकी वापसी की निश्चित समयसीमा बताना संभव नहीं है।
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 3 अक्टूबर को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हसीना की वापसी से जुड़ा मामला एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहा है और इसमें अदालतों की भी भूमिका है।
भारत ने नहीं बताई वापसी की कोई तारीख
शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर बांग्लादेश की ओर से भारत से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। इस बीच उनकी संभावित वापसी को लेकर लगातार अटकलें लगती रही हैं।
हालांकि, भारतीय उच्चायुक्त के बयान से यह स्पष्ट है कि नई दिल्ली की ओर से अभी हसीना की वापसी के लिए कोई डेडलाइन नहीं दी गई है। त्रिवेदी ने कहा कि इस मामले में चल रही प्रक्रिया कानूनी है और उसके पूरा होने से पहले समयसीमा बताना संभव नहीं होगा।
प्रत्यर्पण अनुरोध की हो रही जांच
भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से भी पहले कहा जा चुका है कि बांग्लादेश से प्राप्त प्रत्यर्पण अनुरोध पर निर्धारित कानून और प्रक्रिया के तहत विचार किया जा रहा है। जुलाई में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि प्रत्यर्पण से जुड़ा मामला कानूनी विषय है और उसी के अनुसार आगे बढ़ेगा।
इससे संकेत मिलता है कि हसीना की वापसी का फैसला केवल राजनीतिक स्तर पर नहीं, बल्कि संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए लिया जाना है।
हसीना ने दिसंबर में लौटने की बात कही थी
वहीं शेख हसीना खुद दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं। जुलाई में रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह अपने देश लौटकर अदालत के सामने पेश होने की योजना बना रही हैं। बाद में उन्होंने दिसंबर को वापसी के लिए चुने गए समय के तौर पर भी बताया था।
इसलिए हसीना की ओर से बताई गई संभावित वापसी अवधि और भारत की ओर से बताई जा रही कानूनी प्रक्रिया के बीच फिलहाल कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
बांग्लादेश ने की है प्रत्यर्पण की मांग
ढाका लगातार शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजने की मांग करता रहा है। बांग्लादेश सरकार ने भारत से औपचारिक तौर पर उनके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है, ताकि वहां उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों में आगे की प्रक्रिया हो सके।
हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद भारत आई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं। उनके खिलाफ बांग्लादेश में कानूनी कार्रवाई चल रही है और उनकी वापसी का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में एक अहम विषय बना हुआ है।
वापसी पर फैसला कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा
भारतीय उच्चायुक्त के ताजा बयान का सबसे अहम संदेश यही है कि शेख हसीना की वापसी के लिए अभी कोई तय समयसीमा नहीं है। मामला कानूनी प्रक्रिया में है और संबंधित संस्थाओं के स्तर पर इसकी जांच जारी है।
ऐसे में हसीना के दिसंबर में लौटने की इच्छा जताने के बावजूद यह कहना संभव नहीं है कि उनकी वापसी उसी समय होगी। भारत की ओर से फिलहाल यही स्पष्ट किया गया है कि आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
written by Siddhi Srivastava



