
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट में एक महिला द्वारा दाखिल याचिका पर शुक्रवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। याचिका में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला का कहना है कि उसकी AI-जनरेटेड और कथित तौर पर मॉर्फ्ड तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे उसकी प्रतिष्ठा और सुरक्षा पर असर पड़ा है।
किन लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोप?
याचिका में सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह का नाम लिया गया है। महिला का आरोप है कि उसकी तस्वीरों को एडिट कर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया। साथ ही इन तस्वीरों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में बैनर के रूप में प्रदर्शित किए जाने का भी दावा किया गया है।
कोर्ट से क्या मांग की गई?
महिला ने हाईकोर्ट से आपत्तिजनक कंटेंट को इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाने के निर्देश देने की मांग की है। इसके अलावा उसने पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की है। याचिका में कहा गया है कि कथित तस्वीरों के प्रसार के बाद उसे धमकियां मिल रही हैं।
FIR के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
याचिकाकर्ता का दावा है कि मामले में FIR दर्ज होने के बावजूद ऑनलाइन मौजूद सामग्री को हटाने की प्रक्रिया पर्याप्त गति से नहीं बढ़ी। इसी वजह से अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। महिला ने संबंधित एजेंसियों और साइबर अधिकारियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
तत्काल सुनवाई को मिली मंजूरी
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी है। अदालत अब याचिका में उठाए गए आरोपों और मांगों पर पक्षों की दलीलें सुनेगी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और उसके नेताओं के बयान चर्चा में हैं। हालांकि, हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई का केंद्र महिला द्वारा लगाए गए आरोप और कथित डीपफेक सामग्री से जुड़ी शिकायतें हैं।
written by Siddhi Srivastava



