SSC परीक्षा में धांधली : परीक्षा सेंटर तय करने वाली कंपनी के 2 डायरेक्टर गिरफ्तार, UP STF की कार्रवाई

SSC परीक्षा धांधली मामले में UP STF ने एसेस इंफ्रा के दो डायरेक्टर गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। जांच में प्रॉक्सी सर्वर और परीक्षा केंद्रों से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं।

UP STF Action on SSC Exam Scam : उत्तर प्रदेश STF ने SSC की परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्रों के चयन से जुड़ी कंपनी एसेस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (Acess Infra Pvt Ltd) के दो डायरेक्टरों को नोएडा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगनदीप शर्मा और यादवेंद्र सिंह के रूप में हुई है।

STF की जांच के मुताबिक, कंपनी पर आरोप है कि उसने कुछ संदिग्ध अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिलाने में भूमिका निभाई और परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने से जुड़े मामले में उसकी संलिप्तता सामने आई है।

SSC GD परीक्षा में धांधली का मामला

यह मामला SSC CAPF/SSF कांस्टेबल (GD) और असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 से जुड़ा है। इससे पहले 22 मई 2026 को STF ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों पर प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैक के माध्यम से परीक्षा में अनुचित तरीके से मदद करने के आरोप लगे थे। इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए STF ने अब परीक्षा केंद्रों के चयन से जुड़ी कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है।

Eduquity ने एसेस इंफ्रा से किया था करार

जांच में सामने आया कि SSC परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी एजेंसी Eduquity ने उत्तर भारत में परीक्षा केंद्रों के चयन के लिए एसेस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से करार किया था।

कंपनी की जिम्मेदारी परीक्षा केंद्रों की पहचान करने के साथ-साथ सिक्योरिटी ऑडिट, केंद्र संचालकों और परीक्षा स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की थी।

ग्रेटर नोएडा के बालाजी डिजिटल जोन पर STF की नजर

STF की जांच में ग्रेटर नोएडा स्थित बालाजी डिजिटल जोन भी सामने आया है। जांच के अनुसार, इस केंद्र को एसेस इंफ्रा ने SSC परीक्षा केंद्र के तौर पर चिन्हित किया था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, 2025 से अब तक इस केंद्र पर SSC की 16 परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।

STF अब यह भी जांच कर रही है कि इन परीक्षाओं में संदिग्ध अभ्यर्थियों को किस तरह परीक्षा केंद्रों में प्रवेश मिला और परीक्षा प्रक्रिया में उनकी क्या भूमिका थी।

देहरादून के परीक्षा केंद्र से जुड़ा कनेक्शन

जांच में अप्रैल 2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए कथित नकल का मामला भी सामने आया। इस मामले में प्रदीप चौहान का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था।

STF के अनुसार, इस मामले की जानकारी सामने आने के बावजूद एसेस इंफ्रा ने प्रदीप चौहान से जुड़ी ग्रेटर नोएडा की दूसरी लैब को दोबारा परीक्षा केंद्र के तौर पर चयनित किया।

STF का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और कथित संलिप्तता से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर दोनों डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

परीक्षा केंद्रों की चयन प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

इस कार्रवाई के बाद SSC परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन, सुरक्षा ऑडिट और केंद्र संचालकों के सत्यापन की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है। STF यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में कथित धांधली के लिए केंद्रों का चयन किस तरह किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

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