
Chinese Incursion in Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश में चीन के कथित 60 किलोमीटर तक अंदर घुस आने की खबरों ने सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ा दी है। वायरल वीडियो और पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा था कि चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में काफी अंदर तक पहुंच गए हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे गलत जानकारी बताया है।
रिजिजू ने बुधवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर समस्या जरूर है, लेकिन इसका कारण यह है कि सीमा का स्पष्ट सीमांकन अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं जायज हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा कर लिया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर चीन के 60 किलोमीटर अंदर तक आने का दावा करने वाले वीडियो और तस्वीरें भ्रामक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गलत जानकारी से सीमा पर तैनात भारतीय सेना और सुरक्षा बलों का मनोबल प्रभावित हो सकता है और देश में अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
रिजिजू के मुताबिक, सीमा पर कुछ क्षेत्रों को लेकर भारत और चीन के दावे अलग-अलग हैं। इसकी एक बड़ी वजह जमीन पर स्पष्ट सीमांकन का न होना है। ऐसे में किसी क्षेत्र को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति को चीन द्वारा किसी भारतीय गांव पर कब्जे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमांकन नहीं होने के कारण कुछ इलाकों को लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी धारणा है।
यानी वायरल दावों में जिस तरह से यह बताया जा रहा है कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर आकर भारतीय गांवों पर कब्जा कर चुके हैं, सरकार के मुताबिक यह दावा सही नहीं है।
भारत की ओर से अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और निगरानी को मजबूत किया गया है। भारतीय सेना और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस यानी ITBP सीमा पर गश्त और निगरानी कर रही हैं। हालिया रिपोर्टों में भी सेना और ITBP के सीमा पर निगरानी बनाए रखने की तैयारियों का उल्लेख किया गया है।
भारत-चीन सीमा विवाद के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर हाल में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। भारत ने राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक भारतीय नामों के साथ आधिकारिक मानचित्र पर दर्ज किया है।
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इस कदम को चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है। भारत पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा किसी स्थान का नाम बदलने से उसकी संप्रभुता या जमीनी स्थिति नहीं बदलती।
अरुणाचल प्रदेश में सीमा को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद पुराना है और कई क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर दोनों देशों की अलग-अलग धारणाएं हैं। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर सोशल मीडिया पर सामने आने वाले हर वीडियो या तस्वीर को वास्तविक घटना मानना उचित नहीं है।
फिलहाल केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने चीन के अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर घुसने के दावे को गलत बताया है। साथ ही उन्होंने यह स्वीकार किया है कि सीमा पर वास्तविक समस्याएं हैं और सीमांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसलिए वायरल दावों और वास्तविक सीमा स्थिति के बीच अंतर समझना जरूरी है।



