Pratapgarh News: रामराज्य में न कोई शोषक हो, न शोषित: धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे

Pratapgarh News: In Ram-Rajya, there should be neither an oppressor nor the oppressed: Religious leader Omprakash Pandey.

Pratapgarh News:रामानुज आश्रम में धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी और परम धर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के जन्मदिवस के अवसर पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संगम लाल त्रिपाठी ‘भंवर’ ने की।

कार्यक्रम के आयोजक धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे ‘अनिरुद्ध रामानुज दास’ ने स्वामी करपात्री जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने स्वामी करपात्री जी के जीवन एवं उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म प्रतापगढ़ के भटनी गांव में पंडित रामनिधि ओझा और धार्मिक प्रवृत्ति की श्रीमती शिवानी देवी के घर हुआ था। बचपन में उनका नाम हरिनारायण रखा गया था।

उन्होंने बताया कि स्वामी करपात्री जी बचपन से ही सत्य की खोज के प्रति समर्पित रहे। आगे चलकर उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज से दीक्षा ग्रहण की। धर्माचार्य ने कहा कि स्वामी करपात्री जी ने रामराज्य और धर्मराज्य की ऐसी कल्पना प्रस्तुत की थी, जिसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कल्याण और सम्मान सुनिश्चित हो।

उन्होंने रामचरितमानस की पंक्ति “नहीं दरिद्र कोऊ दुखी न दीना” का उल्लेख करते हुए कहा कि आदर्श शासन व्यवस्था में कोई व्यक्ति गरीब, दुखी, असहाय या उपेक्षित न रहे। इसी प्रकार “सब नर करहिं परस्पर प्रीति, चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति” के माध्यम से उन्होंने परस्पर प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता को रामराज्य की प्रमुख विशेषता बताया।

धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे ने कहा कि आदर्श व्यवस्था में कोई किसी का शोषण करने वाला नहीं, बल्कि एक-दूसरे का सहयोगी और शुभचिंतक होता है। समाज में सामंजस्य, सौमनस्य और एकता स्थापित करना ही उत्तम शासन का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां आपसी बैर और वैमनस्य समाप्त होकर सभी के कल्याण की भावना विकसित हो, वही रामराज्य और धर्मराज्य की वास्तविक भावना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देवरहा बाबा के शिष्य एवं जंगल बाबा खरवईं पीठाधीश्वर, संकट मोचन बालाजी धाम प्रयाग के डॉ. श्याम शंकर शुक्ला तथा विशिष्ट अतिथि कल्पना तिवारी, दिव्या शेखर तिवारी, कनक तिवारी और व्योम को अंगवस्त्रम एवं गीता भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. अवंतिका पांडे, राजेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. महेंद्र शुक्ला, ललित पांडे, विश्वम प्रकाश पांडे, इंजीनियर पूजा पांडे, आरविका पांडे, उर्फ छोटेलाल सरकार, सिमरन पाल, अजय उपाध्याय सहित अनेक लोगों ने स्वामी करपात्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी को भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता सुरेश नारायण दुबे ‘व्योम’ ने किया।

Read Also-Pratapgarh News: संगठन सृजन अभियान के तहत बाबागंज-कुंडा में ब्लॉक स्तरीय बैठकें, संगठन मजबूती पर जोर

Show More

Related Articles

Back to top button