Diesel Price: डीजल खरीदने पर लगी लिमिट, Nayara और Jio-bp पंपों पर तय हुई दैनिक सीमा

Diesel Price: रिटेल और बल्क डीजल के दाम में करीब 40 रुपये प्रति लीटर का अंतर, ज्यादा खपत से पेट्रोल पंपों पर स्टॉक घटने का दबाव

Diesel Price देश के कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। बढ़ती मांग और रिटेल तथा बल्क डीजल की कीमतों में बड़े अंतर के चलते निजी ईंधन कंपनियों ने डीजल की बिक्री पर दैनिक सीमा तय कर दी है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जो एक बार में बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। अब ऐसे ग्राहकों को पेट्रोल पंपों से डीजल लेने के लिए तय सीमा का पालन करना होगा।

Nayara Energy और Jio-bp ने अपने रिटेल आउटलेट्स पर डीजल खरीदने की मात्रा सीमित की है। इसका मतलब है कि ग्राहक पहले की तरह अपनी जरूरत के मुताबिक किसी भी मात्रा में डीजल नहीं खरीद पाएंगे। खासतौर पर ट्रांसपोर्ट, औद्योगिक गतिविधियों या ज्यादा ईंधन खपत वाले कामों से जुड़े ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है।

रिटेल डीजल की कीमत कम होने से बढ़ी मांग

दरअसल, मौजूदा समय में रिटेल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले डीजल और बल्क ग्राहकों को उपलब्ध कराए जाने वाले डीजल की कीमत में बड़ा अंतर बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने के बावजूद रिटेल स्तर पर डीजल की कीमतों में मई के बाद उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई है।

वहीं, बल्क और औद्योगिक ग्राहकों के लिए डीजल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप तय की जा रही है। इस वजह से रिटेल और बल्क डीजल के बीच कीमत का अंतर काफी बढ़ गया है। यही अंतर बड़े उपभोक्ताओं को रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने की ओर आकर्षित कर रहा है।

करीब 40 रुपये प्रति लीटर का अंतर

रिटेल और बल्क डीजल की कीमत में करीब 40 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर बताया जा रहा है। इतनी बड़ी कीमत का अंतर होने की वजह से ज्यादा मात्रा में डीजल की खपत करने वाले ग्राहक रिटेल पंपों का रुख कर रहे हैं। ये ग्राहक अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा रिटेल आउटलेट्स से ही पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे पेट्रोल पंपों पर सामान्य ग्राहकों के लिए उपलब्ध डीजल के स्टॉक पर भी दबाव बढ़ रहा है। कुछ जगहों पर मांग बढ़ने के कारण डीजल का स्टॉक तेजी से कम होने की स्थिति सामने आई है। कंपनियों के लिए लगातार बढ़ती मांग के बीच पंपों पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चुनौती बन रहा है।

स्टॉक पर बढ़ते दबाव के बीच कंपनियों ने तय की सीमा

रिटेल पंपों से बड़ी मात्रा में डीजल की खरीदारी बढ़ने के बाद निजी ईंधन कंपनियों ने बिक्री को नियंत्रित करने का फैसला किया है। दैनिक सीमा तय करने के पीछे प्रमुख उद्देश्य पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध स्टॉक का बेहतर प्रबंधन करना और बढ़ी हुई मांग के बीच ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना बताया जा रहा है।

इस व्यवस्था से एक ओर बड़े खरीदारों की खरीदारी सीमित होगी, वहीं दूसरी ओर रिटेल ग्राहकों के लिए डीजल की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

Nayara Energy पर 70 से 200 लीटर तक की सीमा

जानकारी के मुताबिक, Nayara Energy ने अपने पेट्रोल पंपों पर डीजल खरीदने की दैनिक सीमा निर्धारित की है। अलग-अलग आउटलेट के आधार पर एक ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 70 लीटर से 200 लीटर तक डीजल दिया जा सकता है।

इसका मतलब है कि Nayara Energy के सभी पंपों पर एक समान सीमा जरूरी नहीं है। संबंधित आउटलेट पर लागू सीमा के आधार पर ग्राहक को डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। बड़ी मात्रा में ईंधन लेने वाले ग्राहकों को अब अपनी खरीदारी इसी तय सीमा के अनुसार करनी होगी।

Jio-bp पर 50 लीटर की अधिकतम सीमा

वहीं Jio-bp के रिटेल आउटलेट्स पर डीजल खरीदने की सीमा और कम रखी गई है। यहां एक ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 50 लीटर डीजल देने की सीमा तय की गई है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य भी रिटेल पंपों पर बढ़ती मांग के बीच स्टॉक को संतुलित रखना है। यानी ज्यादा मात्रा में डीजल की जरूरत वाले ग्राहकों को एक ही दिन में अपनी पूरी आवश्यकता के अनुसार ईंधन नहीं मिल सकेगा।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?

दैनिक सीमा लागू होने के बाद सामान्य निजी वाहन मालिकों पर इसका असर अपेक्षाकृत सीमित रह सकता है, क्योंकि आमतौर पर कार या छोटे वाहनों में एक बार में इतनी बड़ी मात्रा में डीजल की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, ट्रक, बस, कृषि मशीनरी या अन्य ज्यादा ईंधन खपत वाले वाहनों के संचालकों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है।

बड़ी मात्रा में डीजल खरीदने वाले ग्राहकों को अब अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर लागू नियमों और दैनिक सीमा की जानकारी रखनी होगी। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी स्टॉक और बिक्री को निर्धारित सीमा के अनुसार प्रबंधित करना जरूरी होगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में बढ़ा अंतर इस पूरे मामले की प्रमुख वजह माना जा रहा है। सस्ता रिटेल डीजल मिलने के कारण बड़े खरीदारों की रिटेल पंपों पर आवाजाही बढ़ी है। इससे उन आउटलेट्स पर ईंधन की खपत सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो सकती है।

ऐसे समय में कंपनियों की ओर से दैनिक खरीद सीमा लागू करने का कदम स्टॉक पर पड़ रहे दबाव को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में अंतर तथा ईंधन की मांग की स्थिति पर इस व्यवस्था का असर निर्भर करेगा।

फिलहाल डीजल से वाहन चलाने वाले ग्राहकों, खासकर ज्यादा मात्रा में ईंधन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे पेट्रोल पंप पर जाने से पहले वहां लागू दैनिक खरीद सीमा की जानकारी ले लें, ताकि जरूरत के समय उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

written by Siddhi srivastava

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