
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर के काफिले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नवाबगंज टोल प्लाजा प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि काफिले में शामिल कई गाड़ियां बिना टोल टैक्स दिए बैरियर तोड़कर निकल गईं। इस दौरान कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है।
टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश यादव ने नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, देर रात करीब 3:50 बजे पुलिस की गाड़ियां टोल से निकलने के बाद पीछे चल रही काफिले की करीब 28 गाड़ियां भी तेजी से निकल गईं। कर्मचारियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर विवाद शुरू हो गया।
टोल प्रबंधन का आरोप है कि कुछ वाहन चालकों ने कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान टोल बैरियर भी क्षतिग्रस्त हो गया। शिकायत में कई वाहनों के नंबर पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं।
भाई अबान के जनाजे में शामिल होने आया था उमर
दरअसल, अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके जनाजे में शामिल होने के लिए जेल में बंद उमर और अली को हाईकोर्ट से शर्तों के साथ पैरोल मिली थी। उमर को लखनऊ जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया गया था।
प्रयागराज पहुंचने के दौरान उमर के करीबियों और समर्थकों की कई गाड़ियां भी काफिले में शामिल हो गईं। पुलिस अब टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध वाहन नंबरों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल टोल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।



