
Entertainment News: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द बोलने वाले युवाओं को माफ करने के प्रधानमंत्री के फैसले पर ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री की उदारता की सराहना करते हुए कहा कि देश भाग्यशाली है कि उसे ऐसा नेतृत्व मिला है, जो दुनिया के लिए सख्त लेकिन अपने नागरिकों के प्रति संवेदनशील है।
सुनील लहरी ने क्या कहा?
सुनील लहरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने खिलाफ, अपनी दिवंगत मां के खिलाफ और देश की सेना के खिलाफ कही गई आपत्तिजनक बातों के बावजूद संबंधित युवाओं को माफ कर दिया।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी जगह कोई और होता तो शायद कठोर कार्रवाई करता, लेकिन प्रधानमंत्री ने बड़े दिल का परिचय दिया। सुनील लहरी ने कहा कि यही उनका बड़प्पन है और वह ऐसे प्रधानमंत्री को नमन करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “हम भाग्यशाली हैं कि हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं, जो दुनिया के लिए टफ मास्टर हैं और अपने देश-देशवासियों के लिए मोम की तरह हैं।”
PM मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो बेहद दुखद था। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि युवावस्था में गलतियां हो जाती हैं और ऐसे बच्चों को सजा देने के बजाय उन्हें समझाकर सही रास्ता दिखाना चाहिए।
उन्होंने समाज से अपील की कि युवाओं को अदालतों के चक्कर लगवाने या उन्हें प्रताड़ित करने के बजाय सुधार का अवसर दिया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इन बच्चों को माफ करते हैं और समाज से भी ऐसा ही करने की अपेक्षा रखते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की, जबकि कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने इसे लेकर सवाल भी उठाए। इसी बीच सुनील लहरी का समर्थन वाला वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माफी वाले संदेश और उस पर अभिनेता सुनील लहरी की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को नई चर्चा दे दी है। जहां एक ओर इसे क्षमा और संवेदनशील नेतृत्व का संदेश बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस पर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी जारी है।


