
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और वैश्विक आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत के इस आदेश के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं और अमरनाथ यात्रा के प्रमुख नुनवान बेस कैंप की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
नुनवान बेस कैंप में बढ़ी निगरानी
वारंट जारी होने के बाद नुनवान बेस कैंप पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। यात्रियों के प्रवेश से पहले सघन तलाशी, बैगेज स्कैनिंग और पहचान की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
क्या है पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के बैसरन घाटी (Baisaran Valley) में आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है।
NIA की जांच में इस हमले के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले। जांच एजेंसी ने पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद को भी आरोपी बनाया है।
हाफिज सईद के खिलाफ वारंट क्यों अहम है?
हाफिज सईद पाकिस्तान में मौजूद है और भारत के कई आतंकी मामलों में वांछित है। अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद जांच एजेंसियों को कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यदि आरोपी अदालत के सामने पेश नहीं होता, तो उसकी अनुपस्थिति में भी मुकदमे की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
अमरनाथ यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरे यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है



