
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में दो संदिग्ध मौतों ने इलाके में सनसनी फैला दी है। थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के कादरगंज पुख्ता गांव की रहने वाली मीना नामक महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनका अपहरण कर हत्या कर दी गई और शव गंगा नदी में फेंक दिया गया। इसी इलाके में गंगा किनारे रहने वाले एक साधु का शव भी पेड़ से लटका हुआ मिला है। पुलिस फिलहाल दोनों मामलों की जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार, मीना 6 जुलाई की सुबह गांव के एक व्यक्ति से अपने उधार के रुपये लेने गई थीं, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटीं। पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब परिजनों ने कुछ नामजद लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उनका दावा है कि महिला की हत्या के बाद शव गंगा में फेंक दिया गया।
इसी बीच सोमवार सुबह कादरगंज पुल के पास गंगा किनारे रहने वाले साधु भाय सिंह का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, साधु की झोपड़ी में आग लगाए जाने के भी निशान मिले हैं।
महिला के परिजनों का आरोप है कि साधु ने कथित रूप से आरोपियों को महिला का शव गंगा में फेंकते हुए देख लिया था, जिसके कारण उनकी भी हत्या कर दी गई। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
घटना के विरोध में महिला के परिजनों और ग्रामीणों ने कादरगंज तिराहे पर जाम लगाकर महिला का शव बरामद करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या महिला की गुमशुदगी, साधु की मौत और अन्य घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। फोरेंसिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। दोनों मामलों में जांच जारी है और वास्तविक तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।



