
Mamata-Banerjee-पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी उन्होंने कोई सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब भी तुष्टिकरण की राजनीति, छल और उकसावे की पुरानी शैली पर कायम हैं।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद भड़की हिंसा को लेकर ममता बनर्जी के बयान के जवाब में की। ममता बनर्जी ने इस हिंसा को लोगों का स्वतः स्फूर्त विरोध प्रदर्शन बताया था।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ममता बनर्जी खुद को और अपनी पार्टी को नहीं बदल पाई हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को भारी पराजय का सामना करना पड़ा, पार्टी बिखर चुकी है और कार्यकर्ता हताश हैं, लेकिन इसके बावजूद ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की राजनीति, छल और उकसावे की आदतें नहीं बदली हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने बारुईपुर में एक निर्दोष युवक की पीट-पीटकर हत्या करने वालों को भी “प्रदर्शनकारी” बताने की कोशिश की। उन्होंने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की मॉब लिंचिंग का एक वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि क्या किसी निर्दोष व्यक्ति को घर से खींचकर उसकी पहचान के आधार पर मार डालने वालों को प्रदर्शनकारी कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यही लोग पुलिस पर हमला करने, पुलिस वाहनों में आग लगाने, रेलवे ट्रैक उखाड़ने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और इलाके में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए भी जिम्मेदार हैं। मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या ऐसे हिंसक तत्वों को केवल प्रदर्शनकारी कहना उचित है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों के मामलों में पहले की तरह “शून्य सहिष्णुता” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति की मॉब लिंचिंग में शामिल अपराधियों को भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भीड़ की आड़ लेकर अपराध करने का दौर अब समाप्त हो चुका है। उनकी सरकार कानून के दायरे में रहकर ऐसे सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और उन्हें न्याय के कटघरे तक पहुंचाएगी



