Ketan Agarwal Case: सिया-चेतन का होगा लाइ डिटेक्टर टेस्ट? पुलिस को अब भी नहीं मिला सबसे अहम जवाब

पुणे पुलिस का मानना है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के बीच पॉलीग्राफ टेस्ट से जांच को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि इसके नतीजे अदालत में सीधे सबूत के तौर पर मान्य नहीं होंगे।

Ketan Agarwal Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस का कहना है कि अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लोहागढ़ किले की करीब 400 फीट गहरी खाई में केतन अग्रवाल को आखिर किसने धक्का दिया। इसी वजह से जांच एजेंसी अब मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी का लाइ डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है।

पुलिस को पॉलीग्राफ टेस्ट की जरूरत क्यों पड़ी?

अब तक की जांच मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर आधारित है। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है। सीसीटीवी फुटेज में चेतन चौधरी हुडी पहनकर नजर आता है, लेकिन इससे सीधे तौर पर हत्या का आरोप साबित नहीं होता।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान सिया गोयल कई बार अपने बयान बदल चुकी है। ऐसे में जांचकर्ताओं को संदेह है कि दोनों आरोपी अभी भी पूरी सच्चाई नहीं बता रहे हैं। इसी कारण पॉलीग्राफ टेस्ट से नए सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या कोर्ट में मान्य होगा पॉलीग्राफ टेस्ट?

भारतीय कानून के तहत पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट को सीधे अदालत में सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता। हालांकि पुलिस का कहना है कि यदि टेस्ट के दौरान कोई नई जानकारी या सुराग सामने आता है, तो उसकी अलग से जांच कर डिजिटल और तकनीकी सबूत जुटाए जा सकते हैं। यही सबूत बाद में अदालत में पेश किए जा सकते हैं।

सिया को घर और कैफे क्यों ले गई पुलिस?

2 जुलाई को पुलिस आरोपी सिया गोयल को पुणे के कोंडवा स्थित उसके घर लेकर पहुंची, जहां वारदात के दिन पहने गए कपड़े जब्त किए गए। इसके बाद पुलिस उसे उस कैफे में भी ले गई, जहां 17 जून 2026 को वह चेतन चौधरी से मिली थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी मुलाकात में कथित तौर पर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई गई थी।

इसके अलावा पुलिस सिया को पुणे के लुल्ला नगर स्थित एक खुले मैदान में भी लेकर गई, जहां जांच के मुताबिक सिया और चेतन ने लोहागढ़ किले पर वारदात को अंजाम देने से पहले कथित तौर पर उसकी प्रैक्टिस की थी।

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पुलिस ने किया सीन रीक्रिएशन

इससे पहले 1 जुलाई को पुलिस चेतन चौधरी को घटनास्थल पर लेकर गई थी। वहां अधिकारियों ने केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के बराबर एक फाइबर डमी को खाई में गिराकर पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट किया, ताकि यह समझा जा सके कि वारदात किस तरह अंजाम दी गई होगी।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस जांच के मुताबिक, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी नवंबर 2026 में होने वाली थी। दोनों की फरवरी में सगाई हो चुकी थी। इसी दौरान सिया का चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि शादी से बचने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची और उसके जन्मदिन से एक दिन पहले उसे लोहागढ़ किले ले जाकर खाई में धक्का दे दिया।

फिलहाल पुलिस इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या पॉलीग्राफ टेस्ट इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में कोई नई कड़ी जोड़ पाएगा।

Written By: Ekta Verma

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