तमिलनाडु के झींगा प्रसंस्करण कारखाने में अमोनिया गैस रिसाव, 7 श्रमिकों की मौत, कई की हालत गंभीर

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक निजी झींगा प्रसंस्करण (श्रिम्प प्रोसेसिंग) फैक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों कर्मचारी गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में श्रमिकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

ड्यूटी के दौरान हुआ गैस रिसाव

जानकारी के अनुसार, पेरियापालयम के निकट स्थित इस समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में हादसे के समय 100 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। फैक्ट्री में कुल 300 से ज्यादा श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें कई दूसरे राज्यों से आए हुए कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें से अनेक श्रमिक फैक्ट्री परिसर में ही रहने की व्यवस्था के तहत निवास करते हैं।

अचानक अमोनिया गैस के रिसाव के बाद कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। गैस के संपर्क में आने से कई श्रमिकों को सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी। कुछ कर्मचारियों के नाक और मुंह से खून निकलने की भी सूचना मिली, जबकि कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े।

70 से अधिक कर्मचारी प्रभावित

हादसे में 70 से ज्यादा श्रमिकों के प्रभावित होने की खबर है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रभावित कर्मचारियों को आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दस से अधिक गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को चेन्नई स्थित स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया।

रेस्क्यू टीमों ने फैक्ट्री परिसर की जांच भी की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी अन्य कर्मचारी को खतरा न हो। प्रशासन द्वारा इलाके की निगरानी लगातार की जा रही है।

जिला प्रशासन ने लिया स्थिति का जायजा

तिरुवल्लूर की जिला कलेक्टर कविता ने हादसे के बाद फैक्ट्री का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायल कर्मचारियों से मुलाकात की तथा डॉक्टरों से उपचार और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

गैस रिसाव के कारणों की जांच शुरू

हादसे के बाद संबंधित विभागों ने गैस रिसाव के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खामी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी अन्य वजह से हुई।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्यस्थल सुरक्षा पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रासायनिक पदार्थों के उपयोग वाली फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

तिरुवल्लूर की झींगा प्रसंस्करण फैक्ट्री में हुआ अमोनिया गैस रिसाव एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना के रूप में सामने आया है। सात श्रमिकों की मौत और बड़ी संख्या में कर्मचारियों के प्रभावित होने से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे हादसे के वास्तविक कारण सामने आ सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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