
PM Modi Generation Z: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों और हाल ही में पार्टी में शामिल हुए नेताओं को संसद की कार्यप्रणाली, जनसेवा और युवाओं से जुड़ने को लेकर अहम सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की Generation Z को समझने के लिए सबसे पहले उनकी बात ध्यान से सुननी होगी, उनकी सोच को समझना होगा और उनसे सम्मानपूर्वक संवाद करना होगा।
प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर आयोजित नाश्ता बैठक में 37 नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों और हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए नेताओं से मुलाकात की। बैठक में उन नेताओं ने भी हिस्सा लिया जो हाल के समय में आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर भाजपा में आए हैं। यह बैठक संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ प्रधानमंत्री की लगातार हो रही संवाद श्रृंखला का हिस्सा थी।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि संसद केवल बहस और कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि सीखने और खुद को बेहतर जनप्रतिनिधि बनाने का भी माध्यम है। उन्होंने सभी सांसदों को सलाह दी कि वे हर दिन कम से कम एक से दो घंटे संसद की लाइब्रेरी में जरूर बिताएं, ताकि देश, संविधान और नीतियों से जुड़े विषयों की गहरी समझ विकसित हो सके।
प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में ‘सांसद खेल योजना’ को सक्रिय रूप से लागू करने की भी अपील की। उनका कहना था कि खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं से जुड़ना आसान होता है और इससे स्वस्थ समाज के निर्माण के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का लोगों से सीधा संवाद भी मजबूत होता है।
बैठक में सबसे अधिक चर्चा प्रधानमंत्री के Generation Z को लेकर दिए गए संदेश की रही। राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि आज की युवा पीढ़ी से प्रभावी ढंग से कैसे जुड़ा जाए। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, “उनकी बात ध्यान से सुनिए, उन्हें समझिए और उनसे विनम्रता के साथ बात कीजिए।” प्रधानमंत्री का मानना है कि युवाओं को केवल सलाह देने के बजाय उनकी सोच और अपेक्षाओं को समझना ज्यादा जरूरी है।
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बैठक को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने दशकों के सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने संसद की गरिमा बनाए रखने और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के महत्व पर विशेष जोर दिया। साथ ही सांसदों को अध्ययन, अनुशासन और जनसेवा को अपने राजनीतिक जीवन का आधार बनाने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के बीच रहना, उनकी समस्याओं को समझना और समाधान के लिए लगातार काम करना है। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से लोगों से मिलें, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें और विकास योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल भाजपा सांसदों के लिए ही नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल में युवाओं से संवाद की नई शैली को भी दर्शाता है। आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया, डिजिटल तकनीक और नए विचारों के साथ आगे बढ़ रही है। ऐसे में उनसे जुड़ने के लिए संवाद, संवेदनशीलता और उनकी बातों को सुनना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



