Shivsena News: शिवसेना प्रमुख पद छोड़ने को तैयार उद्धव ठाकरे, स्थापना दिवस पर दिया बड़ा बयान

Shivsena News: शिवसेना (यूबीटी) के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगता है कि वह शिवसेना प्रमुख पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं, तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।

उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि वह किसी भी योग्य व्यक्ति को शिवसेना का अध्यक्ष बनाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पद से कोई मोह नहीं है, लेकिन वह पार्टी और विचारधारा के लिए संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं को लगे कि कोई दूसरा व्यक्ति पार्टी को बेहतर नेतृत्व दे सकता है, तो वह खुशी-खुशी जिम्मेदारी सौंप देंगे।

अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने भाजपा, एकनाथ शिंदे गुट और पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि शिवसेना में टूट और राजनीतिक चुनौतियों के कारण उनका मनोबल कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

देश की राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उद्धव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खतरा बढ़ रहा है और विपक्षी नेताओं को चुनाव लड़ने तक में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह इसी रास्ते पर आगे बढ़ती रही तो उसका राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो सकता है।

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उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले सांसदों और विधायकों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीत हासिल करने वाले नेताओं को लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नेताओं से सवाल पूछने और जवाब मांगने की अपील की।

कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए उद्धव ने कहा कि शिवसेना ने तीन दशक तक भाजपा के साथ गठबंधन में रहते हुए भी अपनी अलग पहचान बनाए रखी, इसलिए कांग्रेस में विलय की अटकलों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ मतभेद रहे हैं, लेकिन उसने कभी ‘मातोश्री’ का अपमान नहीं किया।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना मराठी मानुष के अधिकारों और हिंदुत्व की रक्षा के उद्देश्य से बनी थी और उसका किसी अन्य दल में विलय होने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी दावा किया कि भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी बन सकती हैं कि भाजपा को ही शिंदे गुट के साथ समायोजन करना पड़े।

अपने संबोधन के अंत में उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना हर चुनौती का सामना करेगी और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।

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