Uttar Pradesh News:विश्व पर्यावरण दिवस पर सन्दीप मिश्रा की बड़ी मांग, सोनभद्र में तेंदुआ सफारी और कृषि वानिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने की उठाई आवाज

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। मोर्चा संयोजक सन्दीप मिश्रा ने सोनभद्र के विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के लिए तेंदुआ सफारी तथा कृषि वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठाई।

Uttar Pradesh News: सोनभद्र में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में पौध वितरण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में आम के पौधे लेकर उन्हें लगाने और संरक्षित करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व मोर्चा के संयोजक सन्दीप मिश्रा ने किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि “पेड़ है तो प्राण है” अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

तेंदुआ सफारी और कृषि वानिकी विश्वविद्यालय की मांग

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सन्दीप मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक वन क्षेत्र वाला जिला होने के बावजूद विकास की मुख्यधारा से पिछड़ा हुआ है।

उन्होंने मांग की कि जिले में तेंदुआ सफारी की स्थापना की जाए, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही उन्होंने कृषि वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और शोध का लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र में आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

‘खनिज संपदा लूटी गई, वनवासी आज भी पिछड़े’

सन्दीप मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से समृद्ध जिला है, लेकिन वर्षों से यहां की संपदा का दोहन होता रहा है जबकि स्थानीय लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में जिले के खनिज संसाधनों का भरपूर उपयोग किया गया, लेकिन यहां के मूल निवासियों और वनवासियों के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण आज भी बड़ी आबादी पिछड़ेपन का सामना कर रही है।

अडानी परियोजना और जंगलों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया

मोर्चा संयोजक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिले में प्रस्तावित औद्योगिक और खनन परियोजनाओं के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि विकास और उद्योग के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही खनन से प्राप्त निधियों का उपयोग स्थानीय विकास, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में किया जाए।

‘जंगलों की कटाई नहीं होने देंगे’

सन्दीप मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र प्रदेश का सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला है, लेकिन विकास के नाम पर लगातार पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करें। यदि जंगलों को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा पीछे नहीं हटेगा।

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बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में बिन्दु खरवार, मुखलाल चेरो, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, राजेश पनिका, संजय बियार, धीरज कनौजिया, अमन पासवान, शम्भू हरिजन, नगेन्द्र धांगर, विकास पटेल, राजू मौर्य, दिनेश यादव, प्रमोद तिर्की, राजू पासवान, शोभावती बिन्द, पिंकी बियार, बासमती चेरो सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

पर्यावरण संरक्षण और जिले के विकास को लेकर आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा।

Written By: Ekta Verma

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