
UP News : भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेशभर में गांव से लेकर शहर तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए।
बैठक में ऊर्जा मंत्री Arvind Kumar Sharma और राज्य मंत्री Kailash Singh Rajput भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता और दक्षता के साथ संचालित किया जाए।
30,339 मेगावाट पहुंची बिजली की पीक डिमांड
समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस वर्ष प्रदेश की पीक बिजली मांग बढ़कर 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई है। अप्रैल और मई में तापमान बढ़ने के कारण बिजली खपत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए विभिन्न राज्यों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था लागू की गई है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक आधुनिक एवं भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें और 715 उपकेंद्र संचालित हैं। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने फीडर वाइज मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने या बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्मार्ट मीटर और कॉल सेंटर व्यवस्था पर जोर
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड बिल उपलब्ध कराया जाएगा। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने नई 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को केवल शिकायत दर्ज करने की जानकारी ही नहीं बल्कि समस्या समाधान की समयसीमा भी बताई जाए।
बिजली व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि किसानों की सिंचाई, उद्योगों के संचालन और आम लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम में प्रदेशवासियों को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।



