
Tamil Nadu Politics: Tamil Nadu की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब मुख्यमंत्री Vijay ने LTTE प्रमुख Velupillai Prabhakaran को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद Bharatiya Janata Party ने कांग्रेस और Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ऐसे नेता के साथ खड़ी है, जिसने उस व्यक्ति का महिमामंडन किया है, जिस पर पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या की साजिश का आरोप था।
क्या है पूरा विवाद?
18 मई को ‘मुल्लीवाइक्कल स्मरण दिवस’ के मौके पर मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि तमिल समुदाय मुल्लीवाइक्कल की यादों को दिल में संजोकर रखेगा और दुनिया भर में रहने वाले तमिलों के अधिकारों के लिए हमेशा आवाज उठाई जाएगी।
दरअसल 18 मई 2009 को श्रीलंका के मुल्लीवाइक्कल इलाके में श्रीलंकाई सेना ने LTTE चीफ प्रभाकरन को मार गिराया था। तमिल समुदाय का एक हिस्सा इस दिन को ‘तमिल नरसंहार स्मरण दिवस’ के रूप में भी याद करता है।
BJP ने राहुल गांधी पर बोला हमला
Tajinder Pal Singh Bagga ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ऐसे नेता के साथ कैसे खड़े हो सकते हैं, जो प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देता है।
बीजेपी का कहना है कि LTTE पर 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या का आरोप है और भारत में यह संगठन प्रतिबंधित है।
विजय ने पहले भी किया था जिक्र
यह पहला मौका नहीं है जब Vijay ने ईलम तमिल मुद्दे पर बयान दिया हो। सितंबर 2025 में नागपट्टिनम में दिए गए भाषण में उन्होंने तमिल समुदाय के दर्द और अधिकारों की बात करते हुए ऐसे बयान दिए थे, जिन्हें प्रभाकरन के समर्थन के रूप में देखा गया।
हालांकि विजय समर्थकों का कहना है कि उनका फोकस श्रीलंका में तमिल नागरिकों के मानवाधिकार और संघर्ष पर है, न कि हिंसा का समर्थन करने पर।
कांग्रेस के समर्थन से बनी विजय सरकार
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। सरकार गठन के दौरान कांग्रेस समेत कई दलों ने समर्थन दिया था। इसी वजह से अब BJP कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोल रही है।
कौन था प्रभाकरन?
Velupillai Prabhakaran LTTE यानी ‘लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम’ का संस्थापक था। यह संगठन श्रीलंका में अलग तमिल राष्ट्र की मांग को लेकर सशस्त्र संघर्ष चला रहा था।
LTTE को दुनिया के सबसे खतरनाक उग्रवादी संगठनों में गिना गया। संगठन पर आत्मघाती हमलों और हिंसक गतिविधियों के आरोप लगे। भारत में LTTE पर प्रतिबंध है और राजीव गांधी हत्याकांड में प्रभाकरन को मुख्य आरोपी माना गया था।
श्रीलंका में तमिल-सिंहली विवाद की पृष्ठभूमि
Sri Lanka में तमिल और सिंहली समुदायों के बीच लंबे समय से जातीय तनाव रहा है। तमिल समुदाय का आरोप था कि उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इसी असंतोष के बीच प्रभाकरन और LTTE का उभार हुआ।
राजनीतिक बहस तेज
विजय के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक तरफ BJP इसे राष्ट्रवाद और राजीव गांधी हत्याकांड से जोड़कर कांग्रेस को घेर रही है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे तमिल समुदाय की पीड़ा और मानवाधिकारों के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Written By: Ekta Verma



