
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि भारत को पाकिस्तान के साथ संवाद के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच वीजा सेवाएं, व्यापार और खेल गतिविधियां जारी रहनी चाहिए, ताकि बातचीत की एक खिड़की खुली रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलवामा जैसे हमलों का जवाब देश की सुरक्षा और सम्मान के अनुरूप मजबूती से दिया जाएगा।
एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में होसबाले ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंध ऐतिहासिक हैं और दोनों देशों के बीच सामाजिक संपर्क भी रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और नागरिक समाज को आपसी संबंध सुधारने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि मौजूदा तनाव मुख्य रूप से राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के कारण है।
सनातन धर्म से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सनातन शाश्वत है और इसे किसी बयान से समाप्त नहीं किया जा सकता। पश्चिम एशिया के संघर्ष को उन्होंने संसाधनों और तेल से जुड़ा विवाद बताया, न कि सभ्यताओं का टकराव। उन्होंने संकट की स्थिति में भारतीय जीवनशैली के अनुरूप सादगी और संयम अपनाने पर जोर दिया।
मुस्लिम समुदाय से संबंधित सवाल पर होसबाले ने कहा कि भारत में सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं और किसी को भी दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं माना जाता। ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का एजेंडा या साजिश हो तो वह स्वीकार्य नहीं है। विदेश में रह रहे भारतीयों को संबंधित देश के कानून और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए, साथ ही भारत से उनका जुड़ाव स्वाभाविक है।
होसबाले ने दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन कूटनीति और संवाद के माध्यम हमेशा खुले रहने चाहिए।



