
National /Political Update: दिल्ली की राजनीति में इन दिनों राघव चड्ढा का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले राघव को हाल ही में राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया, जिसके बाद से उनके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि राघव चड्ढा बीजेपी का रुख कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर राघव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटनाक्रम ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।
इसी बीच बीजेपी नेता और सांसद मनोज तिवारी ने पहली बार इन अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि “बीजेपी का दरवाजा हमेशा खुला है।” हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि यह फैसला राघव चड्ढा को ही लेना होगा।
मनोज तिवारी ने हल्के-फुल्के अंदाज में राघव को “चाय पर आने” का न्योता भी दे दिया। उन्होंने कहा कि “राज्यसभा में साथी होने के नाते वे आएं, हम उनका स्वागत करेंगे। चाय पर बैठेंगे तो कई बातें हो जाएंगी।” इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
इन अटकलों को और मजबूती तब मिली जब हाल ही में पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा की सुरक्षा वापस ले ली, जिसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान कर दी। इस घटनाक्रम को कई लोग AAP और राघव के बीच बढ़ती दूरी के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
जब मनोज तिवारी से पूछा गया कि राघव चड्ढा अपनी पार्टी से नाराज क्यों हो सकते हैं, तो उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि इसकी वजह पार्टी नेतृत्व, खासकर अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली हो सकती है। उन्होंने कहा कि “कुछ तो गड़बड़ है, जो अभी सामने नहीं आई है।”
फिलहाल यह साफ नहीं है कि राघव चड्ढा वास्तव में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेने जा रहे हैं या नहीं। लेकिन जिस तरह से बयानबाजी और घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे इतना जरूर तय है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और गरमा सकती है।
Written By: Anushri Yadav



