
India’s BusinessUpdate: एशिया की दौलत का नक्शा हर साल बदलता है, लेकिन 2026 की सूची ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत इस दौड़ में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला अंबानी परिवार लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। यह सिर्फ एक नंबर की कहानी नहीं है, बल्कि बदलती अर्थव्यवस्था, नई टेक्नोलॉजी और दूरदर्शी निवेश का नतीजा है, जिसने एशिया के सबसे अमीर परिवारों को और भी ताकतवर बना दिया है।
इस बार की सूची की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पारंपरिक बिजनेस के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों ने संपत्ति बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। जहां पहले रियल एस्टेट, तेल या बैंकिंग जैसे सेक्टर हावी थे, वहीं अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नई दौलत के इंजन बन चुके हैं। यही वजह है कि कई परिवारों की संपत्ति में अचानक तेज उछाल देखने को मिला है।
अंबानी परिवार की बात करें तो Reliance Industries के जरिए उनका कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है। ऊर्जा, टेलीकॉम और रिटेल के साथ अब कंपनी फाइनेंस और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़ा निवेश करने की तैयारी में है। आने वाले वर्षों में भारी निवेश का उनका प्लान यह दिखाता है कि वे सिर्फ वर्तमान में नहीं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था पर भी दांव लगा रहे हैं।
दूसरे और तीसरे स्थान पर एशिया के दो बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। हांगकांग का क्वोक परिवार, जो रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है, तेजी से उभरती प्रॉपर्टी मार्केट का फायदा उठा रहा है। वहीं दक्षिण कोरिया का ली परिवार, जो Samsung से जुड़ा है, अब AI और रोबोटिक्स जैसे उन्नत क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है। यह दिखाता है कि टेक्नोलॉजी अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है।
चौथे और पांचवें स्थान पर मौजूद परिवार भी अलग-अलग सेक्टर से आते हैं, लेकिन उनकी सफलता का मूल मंत्र एक ही है—डाइवर्सिफिकेशन। थाईलैंड का चेरावानोंट परिवार फूड, रिटेल और टेलीकॉम में फैले अपने बिजनेस के कारण मजबूत स्थिति में है। वहीं चीन का झांग परिवार एल्युमीनियम इंडस्ट्री में अपनी पकड़ बनाए हुए है, जिसकी मांग इलेक्ट्रिक वाहनों और AI हार्डवेयर के कारण तेजी से बढ़ रही है।
छठे और सातवें स्थान पर बैंकिंग और ब्रांड पावर का असर साफ दिखता है। ताइवान का साई परिवार वित्तीय सेवाओं में अपनी गहरी जड़ें रखता है, जबकि थाईलैंड का यूविध्या परिवार Red Bull जैसे ग्लोबल ब्रांड की सफलता के दम पर टॉप 10 में बना हुआ है। यह साबित करता है कि मजबूत ब्रांड वैल्यू लंबे समय तक दौलत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
सूची के आखिरी तीन स्थानों में भी भारत की मजबूत मौजूदगी देखने को मिलती है। मिस्त्री परिवार, जो Shapoorji Pallonji Group से जुड़ा है, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में अपनी पकड़ बनाए हुए है। वहीं जिंदल परिवार, OP Jindal Group के जरिए स्टील, ऊर्जा और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है। इंडोनेशिया का हार्टोनो परिवार भी बैंकिंग और तंबाकू बिजनेस के जरिए इस सूची में अपनी जगह बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, 2026 की यह सूची सिर्फ अमीरों की रैंकिंग नहीं है, बल्कि यह बताती है कि आने वाले समय में कौन से सेक्टर दुनिया की अर्थव्यवस्था को दिशा देंगे। AI, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल सेवाएं अब दौलत बनाने के सबसे बड़े साधन बनते जा रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वर्षों में कौन से नए नाम इस सूची में शामिल होते हैं और कौन अपनी जगह बरकरार रख पाता है।
Written By: Anushri Yadav



