
Bengal Political News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही बड़े नेताओं की सक्रियता भी तेज हो गई है। एक तरफ नरेंद्र मोदी लगातार रैलियों और रोड शो के जरिए चुनावी माहौल बना रहे हैं, वहीं अब राहुल गांधी ने भी राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए चुनाव प्रचार को नई दिशा देने की कोशिश शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई अहम जिलों में करीब आठ रैलियां कर चुके हैं। इन सभाओं में उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, भर्ती घोटालों और ‘कट मनी’ जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। साथ ही नागरिकता और सुरक्षा से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। इसके अलावा महिलाओं और कर्मचारियों से जुड़े आर्थिक वादों के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने लंबे अंतराल के बाद बंगाल में चुनावी सभाएं शुरू की हैं। उनकी रैलियों को कांग्रेस के लिए पुराने जनाधार को फिर से मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सभाओं में वे राज्य की ममता बनर्जी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के साथ-साथ भाजपा की राजनीति की भी आलोचना कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार अल्पसंख्यक और पारंपरिक वोट बैंक को वापस अपने पक्ष में लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मुकाबला पहले की तुलना में ज्यादा दिलचस्प और बहुकोणीय हो सकता है। भाजपा, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस—तीनों दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या प्रधानमंत्री की लगातार रैलियां भाजपा के पक्ष में माहौल बना पाएंगी, या राहुल गांधी की एंट्री चुनावी समीकरण को बदल देगी। अब सबकी नजरें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि राज्य की जनता किस नेतृत्व पर भरोसा जताती है।
Written By: Kalpana Pandey



