
UP News : योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बुनकरों की आय, सम्मान और आजीविका को मजबूत बनाने को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के अहम स्तंभ हैं।
हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकरों को कच्चे माल की बढ़ती लागत, आधुनिक तकनीक की कमी और सीमित बाजार जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए योजनागत सहायता के साथ एक समन्वित और परिणामोन्मुख तंत्र विकसित करना जरूरी है।
क्लस्टर मॉडल से मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों में क्लस्टर विकसित किए जाएं, जहां उत्पादन के साथ डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन की पूरी वैल्यू चेन एक साथ उपलब्ध हो। इससे उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकरों को ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ और एक्सपोर्ट हाउस जैसी संस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ सके।
बिजली बिल में राहत और सौर ऊर्जा पर फोकस
पॉवरलूम बुनकरों के लिए बिजली बिल कम करने के उपायों पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। इस संबंध में विभागों को मिलकर व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक लागत कम करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रदेश में 1.99 लाख बुनकर सक्रिय
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं। कालीन, दरी और मैट उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी है, जबकि अन्य टेक्सटाइल उत्पादों में भी मजबूत उपस्थिति है।
सरकार का मानना है कि इन पहलों से बुनकरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और पारंपरिक बुनकरी को आधुनिक पहचान मिलेगी।



