
Health News: दिल्ली के अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्वेद विज्ञान संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की टीम ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफल बनाकर चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया। 30 मार्च 2026 को की गई इस सर्जरी में 31 वर्षीय महिला का इलाज किया गया, जो साइटस इन्वर्सस नामक दुर्लभ स्थिति से पीड़ित थी।
इस स्थिति में मरीज के शरीर के सभी अंग सामान्य स्थान के विपरीत दिशा में होते हैं। महिला के दिल, लिवर, प्लीहा और पेट सभी उल्टी दिशा में स्थित थे। इसके साथ ही उसे जन्मजात हृदय रोग, आंशिक एट्रियोवेंट्रिकुलर कैनाल दोष भी था, जिससे सर्जरी और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई।
डॉक्टरों ने केवल 4 सेंटीमीटर के छोटे ‘इन्फ्रामैमरी’ चीरे के जरिए यह जटिल प्रक्रिया पूरी की। ऑपरेशन के दौरान कार्डियोपल्मोनरी बाईपास का उपयोग किया गया, जिससे हृदय की कार्यप्रणाली को स्थिर रखा गया। मरीज के हृदय की सुरक्षा झिल्ली से पैच बनाकर दोष को ठीक किया गया, जिससे वाल्व और कंडक्शन सिस्टम सुरक्षित रहे।
यह सर्जरी इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में छाती की हड्डी काटनी पड़ती है, लेकिन इस केस में न्यूनतम चीरे के साथ सफल ऑपरेशन किया गया। यही वजह है कि इसे दुनिया की पहली ऐसी सर्जरी माना जा रहा है।
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सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी सामान्य रही और वह पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज के लिए तैयार है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत संभव हुई, जिसने मरीज को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
Written By: Kalpana Pandey



