
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ससुराल में मृत मिली 33 वर्षीय महिला के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मृतका के परिवार ने उसके पति और सास पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग की है। परिवार का कहना है कि पहला पोस्टमॉर्टम और घटनास्थल के सबूत आपस में मेल नहीं खाते।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर परिजनों का प्रदर्शन
रविवार को मृतका के परिजनों ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार ने मांग की कि महिला के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम AIIMS दिल्ली में कराया जाए।
मृतका के पिता ने कहा कि मामला पूरी तरह संदिग्ध है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।
पति और सास पर हत्या का आरोप
महिला की मां ने उसके पति और सास की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों ने दावा किया कि महिला के साथ मारपीट की गई और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश भी हुई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी परिवार प्रभावशाली है, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
डेटिंग ऐप से हुई थी मुलाकात, छह महीने पहले हुई थी शादी
नोएडा की रहने वाली महिला की मुलाकात भोपाल के एक वकील से 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी।
12 मई को महिला भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली। शादी के छह महीने के भीतर हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार ने बताया साजिश
मृतका के परिजनों का कहना है कि वह भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थी। परिवार का दावा है कि मौत से कुछ घंटे पहले तक महिला उनसे लगातार संपर्क में थी।
परिजनों ने यह भी कहा कि पिछले पांच दिनों से शव AIIMS भोपाल के मुर्दाघर में रखा हुआ है और वे दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पर अड़े हुए हैं।
SIT कर रही मामले की जांच
इस मामले में पुलिस ने महिला के पति और उसकी मां, जो एक रिटायर्ड जज हैं, के खिलाफ दहेज मृत्यु और उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज किया है।
सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) अब दहेज उत्पीड़न, मारपीट और सबूत मिटाने के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति फिलहाल फरार है।
मध्य प्रदेश से बाहर ट्रायल की मांग
मृतका के परिवार ने इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश से बाहर किसी अन्य राज्य की अदालत में कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावशाली लोगों के शामिल होने के कारण उन्हें निष्पक्ष न्याय मिलने पर संदेह है।



