Regional News: रांची में पाम संडे पर आस्था का महासंगम, खजूर की डालियों के साथ निकला भव्य जुलूस

लोयोला ग्राउंड के पास हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी, खजूर की डालियों के साथ शांति और प्रेम का संदेश

Regional News: झारखंड की राजधानी Ranchi में पाम संडे के अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह की हल्की धूप के साथ ही शहर के विभिन्न चर्चों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में निकलकर Loyola Ground के आसपास एकत्र होने लगे। देखते ही देखते पूरा इलाका धार्मिक माहौल में रंग गया, जहां हाथों में खजूर (पाम) की डालियां लिए लोग प्रार्थना जुलूस का हिस्सा बने।

पाम संडे ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है, जो ‘होली वीक’ की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन Jesus Christ के यरुशलम में विजयी प्रवेश की याद में मनाया जाता है, जब लोगों ने उनके स्वागत में खजूर की डालियां बिछाईं और उन्हें ‘राजा’ के रूप में स्वीकार किया। इसी परंपरा को जीवंत करते हुए रांची में भी श्रद्धालुओं ने उसी ऐतिहासिक क्षण को दोहराने का प्रयास किया।

जुलूस में शामिल श्रद्धालु भजन गाते, प्रार्थना करते और शांति का संदेश देते हुए आगे बढ़ते नजर आए। बच्चे सफेद कपड़ों में, युवा अनुशासित कतारों में और बुजुर्ग श्रद्धा के साथ शामिल हुए—हर वर्ग की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। कई चर्चों के पादरी और धर्मगुरु भी जुलूस में शामिल हुए, जिन्होंने रास्ते में रुक-रुककर विशेष प्रार्थनाएं कराईं और लोगों को प्रेम, करुणा और क्षमा का संदेश दिया।

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इस आयोजन के दौरान प्रशासन ने भी पूरी सतर्कता बरती। पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके और आम लोगों को असुविधा न हो। मेडिकल और सुरक्षा इंतजाम भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे आयोजन पूरी तरह व्यवस्थित बना रहा।

पाम संडे के साथ शुरू होने वाला ‘होली वीक’ ईसाई समुदाय के लिए आत्ममंथन, त्याग और आध्यात्मिक शुद्धता का समय होता है। इस सप्ताह के दौरान ‘मॉंडी थर्सडे’, ‘गुड फ्राइडे’ और अंत में ‘ईस्टर संडे’ जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं, जो क्रमशः अंतिम भोज, क्रूस पर चढ़ाए जाने और पुनरुत्थान की घटनाओं से जुड़े हैं।

रांची में पाम संडे का यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी प्रतीक बना। जिस तरह से हजारों लोग एक साथ शांतिपूर्वक और अनुशासित तरीके से शामिल हुए, उसने यह संदेश दिया कि आस्था लोगों को जोड़ने की ताकत रखती है। यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विविधता और सह-अस्तित्व की भावना को भी मजबूत करता है, जो आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण है।

Written By: Anushri Yadav

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