
US Israel Iran War : ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की शुक्रवार को हमले में मौत हो गई। सरकारी मीडिया के अनुसार, यह हमला अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है।
ईरान की ‘सेपाह न्यूज़’ वेबसाइट के हवाले से AFP ने बताया कि नैनी “भोर में अमेरिकी-ज़ायोनी ताकतों के कायरतापूर्ण हमले में शहीद हुए।” उनकी मौत ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
नैनी ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले ही बड़ा बयान देते हुए कहा था कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम अपने “उच्चतम स्तर” पर है और दुश्मनों के लिए “सरप्राइज़” तैयार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि युद्ध की स्थिति में भी मिसाइल उत्पादन लगातार जारी है और भंडार पर्याप्त है।
एक हफ्ते में चौथा बड़ा झटका
यह घटना इस सप्ताह ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे के लिए चौथा बड़ा नुकसान है। इससे पहले हमलों में अली लारीजानी, गुलामरेज़ा सुलेमानी और इस्माइल खतीब की भी मौत हो चुकी है।
हमलों से बढ़ा तनाव
28 फरवरी से शुरू हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों में इस हफ्ते तेजी आई है। इज़रायल ने साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया, जबकि जवाब में ईरान ने कतर की रास लफ़ान LNG सुविधा पर हमला किया।
हालांकि इज़रायल ने सीधे तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस हमले का श्रेय इज़रायल को दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो अमेरिका “कड़ी जवाबी कार्रवाई” करेगा।
वहीं, इज़रायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने भी ईरान के खिलाफ और बड़े “सरप्राइज़” हमलों का संकेत दिया है।



