
UP News-घोसी तहसील परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न न्यायालयों में प्रस्तुत कुल 10,545 मामलों का त्वरित एवं आपसी सहमति से निस्तारण किया गया। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में वादकारियों और फरियादियों को राहत मिली।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान राजस्व से संबंधित 200 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें उपजिलाधिकारी के न्यायालय में 22, उपजिलाधिकारी न्यायिक के न्यायालय में 28, तहसीलदार के न्यायालय में 75, तहसीलदार न्यायिक के न्यायालय में 28, नायब तहसीलदार घोसी के न्यायालय में 24 तथा नायब तहसीलदार दोहरीघाट के न्यायालय में 23 मामले शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त उपजिलाधिकारी न्यायालय में फौजदारी के 280 मामले, उपजिलाधिकारी न्यायालय में प्री-लिटिगेशन के 3360 अन्य 280 वाद पेश किए गए। वहीं तहसीलदार घोसी के न्यायालय में प्री-लिटिगेशन के 6,425 मामले आए। इस प्रकार कुल 10,545 मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर सफलतापूर्वक निस्तारित किया गया।
इस बाबत जानकारी देते हुए उप जिलाधिकारी घोसी अशोक कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को शीघ्र, सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और जनता को त्वरित राहत मिलती है।
इस दौरान एसडीएम न्यायिक राजेश कुमार अग्रवाल, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय, नायब तहसीलदार अभिषेक वर्मा, अमरनाथ यादव, एसडीएम के पेशकार आशुतोष, एसडीएम न्यायिक के पेशकार रुद्र प्रताप यादव, स्टेनो विपिन, रंजीत, अली रजा, संतोष, तहसीलदार के पेशकार आशीष यादव मॉल बाबू आशीष वर्मा समेत बड़ी संख्या में वादकारी, फरियादी एवं तहसीलकर्मी मौजूद रहे।



