सोनभद्र। शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक नवाचार अवार्ड से बेसिक शिक्षा अधिकारी को राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा सम्मानित

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए यह एक गौरवशाली उपलब्धि है, जहाँ प्रदेश के नौ नवाचारी शिक्षा अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा क्षेत्र में शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार और अच्छे अभ्यास के कार्य को लेकर पुरस्कार के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली के प्रस्ताव पर शासन ने इन अधिकारियों को पुरस्कार ग्रहण करने हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र और सतर्कता अनापत्ति प्रदान कर दी है। इस सूची में सोनभद्र जनपद ने अपनी विशेष धमक बनाए रखी है।

बताते चले कि वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय को वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लिए उनके द्वारा किए गए प्रशासनिक नवाचारों के लिए सम्मानित किया जा रहा है। जनपद के लिए यह सफलता का सिलसिला निरंतर बना हुआ है क्योंकि मुकुल आनन्द पाण्डेय से पूर्व डॉ. गोरखनाथ पटेल (पूर्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सोनभद्र) को भी उनके कार्यकाल के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इस अवॉर्ड से डिजिटल नवाचार के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

​इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया अत्यंत जटिल और बहुस्तरीय होती है। सबसे पहले प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाती है, जिसके बाद विशेषज्ञों की एक टीम के सामने नवाचारों का प्रस्तुतीकरण देना होता है। मुकुल आनन्द पाण्डेय ने जुलाई 2025 में आयोजित ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के दौरान अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से विशेषज्ञों को प्रभावित किया। उनके प्रोजेक्ट के फलस्वरूप आकांक्षी जनपद को शिक्षा श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

Also Read: UPPSC Computer Assistant Result 2026: 169 उम्मीदवार अगले चरण के लिए चयनित

जिले की ओर से प्रस्तुत “निपुण भारत मिशन की मॉनिटरिंग हेतु विकसित डैशबोर्ड” को नवाचारपूर्ण एवं दोहराए जा सकने वाला मॉडल माना गया। इस पहल का उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के अधिगम स्तर को क्रमिक रूप से सुधारना और उसकी सतत निगरानी करना था। डैशबोर्ड के निर्माण में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सोनभद्र का तकनीकी सहयोग मिला, जबकि विभाग के शिक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश ने इस पहल को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। थर्ड पार्टी सर्वेक्षणों और डेटा ने इस नवाचार के सकारात्मक परिणाम प्रमाणित किए हैं। डैशबोर्ड के माध्यम से कक्षावार लक्ष्य तय कर उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित किया गया, जिससे छात्रों की उपस्थिति दर में वृद्धि हुई और ड्रॉपआउट दर में कमी आई। इस प्रभावी मॉनिटरिंग का ही परिणाम रहा कि निपुण छात्र मूल्यांकन परीक्षा 2024 में सोनभद्र ने पूरे प्रदेश में 6वां स्थान प्राप्त किया।

मुकुल आनन्द पाण्डेय के साथ ही सीतापुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह, कौशाम्बी के डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा और कन्नौज के संदीप कुमार को भी इस सम्मान हेतु चयनित किया गया है। इनके अतिरिक्त, ब्लॉक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खण्ड शिक्षा अधिकारियों में मोहम्मद राशिद (गौतमबुद्धनगर), बबीता सिंह (रामपुर), डॉ. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी (हरदोई), क्षमा शंकर पाण्डेय (प्रयागराज) और संजय कुमार यादव (वाराणसी) के नाम शामिल हैं।

वही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय ने इसका श्रेय जनपद के समस्त शिक्षकों और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को दिया है, जिन्होंने इस डाटा आधारित निगरानी तंत्र का लाभ उठाते हुए विषम परिस्थितियों पर विजय प्राप्त कर छात्रों के अधिगम स्तर को बेहतर करने के लिए एक टीम के रूप में कार्य किया और निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को अर्जित किया।

रिपोर्ट – रवि पाण्डेय, सोनभद्र

Show More

Related Articles

Back to top button