
Ambedkarnagar News : उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में रविवार को सनसनीखेज वारदात सामने आई। मालीपुर थाना क्षेत्र के धवरूवा गांव में घर में अकेली रह रही एक बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी गई। महिला IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां थीं। प्रारंभिक जानकारी में घर में लूटपाट की आशंका भी सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, महिला के शरीर से आभूषण गायब मिले हैं।
घटना का पता उस समय चला, जब महिला की देखभाल करने वाली दाई रोज की तरह उनके घर पहुंची। अंदर महिला को मृत अवस्था में देखकर उसने आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और पुलिस को जानकारी दी गई।
रात में वारदात की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि वारदात रात के समय हुई होगी। हालांकि हत्या का वास्तविक कारण और घर से चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी घर में किस रास्ते से दाखिल हुए। जांच के दायरे में लूट के लिए हत्या किए जाने के साथ-साथ यह पहलू भी शामिल है कि क्या हमलावर महिला को पहले से जानते थे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का लिया जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अयोध्या रेंज के आईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि वारदात से पहले और बाद की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और चोटों की प्रकृति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस हत्या और संभावित लूट के एंगल से जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
कौन हैं IPS आशुतोष मिश्रा?
उत्तर प्रदेश पुलिस की उपलब्ध आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार आशुतोष मिश्रा वर्तमान में पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में SP के पद पर तैनात हैं। प्रोफाइल में उनका कैडर IPS-SPS 2016 दर्ज है और यह भी उल्लेख है कि वे PPS से IPS में पदोन्नत हुए हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आशुतोष मिश्रा स्वतंत्रता दिवस पर एक विद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने गांव आए थे और कार्यक्रम के बाद वापस चले गए थे।



