
Gas Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत में गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात कर मौजूदा हालात की जानकारी दी और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की।
सरकार के अनुसार मिडिल ईस्ट क्षेत्र में जारी संघर्ष और समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है। खासतौर पर Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कई देशों के सामने आपूर्ति की चुनौती खड़ी हो गई है।
इसी बीच देश के कुछ बड़े शहरों जैसे Bengaluru, Delhi और Maharashtra में कमर्शियल गैस की कमी की खबरें सामने आई हैं। होटल और रेस्तरां से जुड़े संगठनों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में अचानक कमी देखी जा रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो सकता है।
हालांकि केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता सूची में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस को सबसे पहले गैस उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि घरों में इस्तेमाल होने वाली गैस की सप्लाई बाधित न हो।
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उधर Gujarat सरकार ने भी घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों को मिलने वाली गैस आपूर्ति में करीब 50 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला लिया है।
सरकार का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। ऊर्जा मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
Written By: Kalpana Pandey



