
Varansi News : ब्रज और काशी के बीच आध्यात्मिक व सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम से श्री कृष्ण जन्मस्थान, मथुरा को भेजे गए उपहार 24 फरवरी को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिए गए। श्री कृष्ण जन्मस्थान न्यास की ओर से प्राप्त चित्र और वीडियो भावपूर्ण एवं आकर्षक बताए गए हैं।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्री कृष्ण जन्मस्थान न्यास तथा उनके सचिव कपिल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने इस सांस्कृतिक नवाचार को उत्साहपूर्वक स्वीकार कर मथुरा में प्रभावी रूप से लागू किया।
रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व
ब्रज और काशी की परंपराओं में रंगभरी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है। मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर में इस अवसर पर लठमार होली का आयोजन किया जाता है, जो भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम माना जाता है।
भगवान विश्वनाथ की ओर से बाल गोपाल स्वरूप श्रीकृष्ण के लिए खिलौने, चॉकलेट, मिठाइयाँ, वस्त्र और फल उपहार स्वरूप भेजे गए हैं। न्यास के अनुसार, 26 फरवरी को मथुरा से भेंट सामग्री के साथ ‘रसियारों’ की एक विशेष टोली काशी के लिए रवाना होगी।
27 फरवरी को काशी में ‘रास’ और ‘फूलों की होली’
27 फरवरी 2026 को काशी में रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर ‘शिवार्चनम मंच’ से पहली बार ब्रज के रसियारों द्वारा ‘रास’ और ‘फूलों की होली’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ब्रज और काशी की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक समन्वय का प्रतीक माना जा रहा है।
आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं और काशीवासियों से इस विशेष उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।



