
Indian Workers Immigration Clearance: विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले भारतीय कामगारों को लेकर विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 में ई-माइग्रेट पोर्टल शुरू किए जाने के बाद से अब तक 52 लाख से अधिक भारतीय कामगारों को सुरक्षित तरीके से रोजगार के लिए ईसीआर (Emigration Check Required) देशों में जाने के लिए आधिकारिक इमिग्रेशन क्लियरेंस दिया जा चुका है।
विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ई-माइग्रेट पोर्टल का उद्देश्य विदेश में रोजगार की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बनाना है। खासतौर पर ईसीआर पासपोर्ट धारक भारतीय श्रमिकों के लिए यह व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण साबित हुई है।
मंत्री के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों ने वर्ष 2021 से अब तक विदेशी सरकारों और कंपनियों के साथ कई द्विपक्षीय समझौते भी किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय श्रमिकों को सुरक्षित और कानूनी तरीके से विदेशी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब में रोजगार के लिए सबसे ज्यादा 7,59,578 भारतीयों को इमिग्रेशन क्लियरेंस मिला। इसके बाद यूएई में 5,08,995 और कुवैत में 2,28,206 भारतीय कामगारों को मंजूरी दी गई। वहीं कतर के लिए 1,65,089, ओमान के लिए 1,40,061 और बहरीन के लिए 41,327 इमिग्रेशन क्लियरेंस जारी किए गए।

विदेशों में काम करने वाले भारतीयों के सामने आने वाली परेशानियों को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि सरकार भारतीय नागरिकों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विदेश में काम करने वाले भारतीयों को धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों से बचाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जयशंकर ने बताया कि कई भारतीय नागरिक विदेशों में कानूनी अड़चनों या अन्य कारणों से फंस जाते हैं और अपने देश वापस नहीं लौट पाते। ऐसे मामलों में भारत सरकार और भारतीय दूतावासों की मदद से कई नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी कराई गई है।
विदेश मंत्री ने सदन में डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिकों से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उनके अनुसार, इस वर्ष मार्च तक अमेरिका से 414, ब्रिटेन से 57 और साइप्रस से 53 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया।
सरकार ने विदेश में रोजगार के नाम पर होने वाली ठगी को रोकने के लिए भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट पोर्टल पर देश में कुल 3,505 बिना पंजीकरण वाले एजेंटों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। सरकार का उद्देश्य लोगों को फर्जी एजेंटों के जाल में फंसने से बचाना और विदेश जाने से पहले सही माध्यम अपनाने के लिए जागरूक करना है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ई-माइग्रेट पोर्टल ने पिछले एक दशक में विदेश जाने वाले भारतीय कामगारों के लिए प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।



